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10 दिनाें में ही बिके 15 हजार दुपहिया और 15 सौ चारपहिया

रायपुर(realtimes) कोरोना के कारण पिछले डेढ़ साल से ग्राहकाें के लिए तरस रहे आटाेमाेबाइल्स सेक्टर पर गणपति की इस बार जमकर कृपा बरसी है। प्रदेश भर में गणेश चतुर्थी पर लाेग वाहनाें की खरीदारी करने उमड़े। हाल यह रहा कि पहले ही दिन से लाेगाें से खरीदारी की। यही एक ऐसा माैका रहता है, जब पूरे दस दिनाें तक मुर्हूत रहने के कारण  खरीदारी हाेती है। इस बार दस दिनों में 15 हजार दुपहिया और 15 सौ कारें बिकीं। कारों का टोटा होने के कारण 15 सौ को डिलीवरी नहीं मिल सकी, नहीं तो कम से कम तीन हजार कारें भी बिक जातीं। कारों को लेकर भारी मारा-मारी चल रही है। हर मॉडल में लंबी वेटिंग है। जिनकी पहले से बुकिंग थी, उनको ही कारें मिल पाई हैं।

कोरोना के कारण हर सेक्टर पिछले डेढ़ साल से प्रभावित रहा है। इसमें आटोमोबाइल्स का सेक्टर बहुत ज्यादा प्रभावित हुआ है। अब प्रदेश में कोरोना का संक्रमण कम होने के बाद आटोमोबाइल्स सेक्टर में रौनक तो लौटी है, लेकिन पहले जैसी खरीदारी नहीं हो रही थी। अब त्यौहारी सीजन का आगाज हुआ तो इस सेक्टर में उम्मीद से ज्यादा खरीदारी हो गई है। इस सेक्टर में जहां नवरात्रि और धनतेरस में बहुत खरीदारी होती है, वहीं गणेश चतुर्थी भी अहम रहती है। इसमें तो दस दिनों तक लगातार रौनक रहती है क्योंकि इसके बाद पितृ-पक्ष प्रारंभ हो जाता है।

कारों के लिए तरसे लोग

गणेश चतुर्थी के पहले ही दिन से वाहनों की जमकर खरीदारी हुई है। आटोमोबाइल्स कारोबारियों की मानें तो पहले ही दिन करीब दो सौ कारों की बिक्री राजधानी रायपुर के साथ प्रदेश भर में हुई है। कारों के लिए लोगों को दो माह पहले ही बुकिंग करानी पड़ी थी, क्योंकि पिछले एक साल से बाजार में कोई भी कार आन डिमांड नहीं मिल रही है। आज कल की कारों में ज्यादातर इलेक्ट्रानिक आइटम लगते हैं। इनकी भारी मारा-मारी चल रही है। खासकर सेमी कंडक्टर की बहुत कमी है। यही वजह है कि बाजार में जितनी कारों की डिमांड है, कंपनियां उतनी कारें बना नहीं पा रही है। ऐसे में गणेश चतुर्थी पर भी लोगों को कारों के लिए तरसना पड़ा। करीब तीन हजार कारों की मांग रही, लेकिन महज आधे 15 सौ को ही कारें नसीब हुईं।

दुपहिया वाहन ज्यादा बिके

कारों की तुलना में दुपहिया वाहन ज्यादा बिके हैं। कारोबारियों ने दस दिनों में आठ हजार के आस-पास वाहनों की बिक्री की उम्मीद जताई थी, लेकिन 15 हजार वाहन बिक गए। रायपुर जीके होंडा के पुनीत पारवानी ने बताया उनके शोरूम में 450 वहान बिके हैं। कमावेश हर शोरूम में चार से छह सौ वाहन बिके हैं। ज्यादा वाहन बिकने के पीछे की एक वजह यह भी मानी जा रही है कि अब तक स्कूल, कॉलेज बंद चल रहे थे। लेकिन अब ये खुल गए हैं। इसी के साथ कोचिंग सेंटरों के भी ताले खुल गए हैं। दफ्तरों में भी अब सत प्रतिशत लोग आ रहे हैं। ऐसे में लोगों के वाहनों की जरूर बढ़ गई है।

अच्छा रहा कारोबार

छत्तीसगढ़ आटो मोबाइल्स संघ के अध्यक्ष  मनीष सिंघानिया के मुताबिक गणेश चतुर्थी पर लोगों ने पहले दिन से आखिर दिन तक जमकर खरीदारी की है। कारों की कमी के कारण कारें कम बिकीं। अगर लोग की डिमांड के मुताबिक कारें मिलतीं तो कारोबार अच्छा होता। आज स्थिति पहले जैसी नहीं है, जिन्होंने अपनी बुकिंग कराई है, उनको किसी तिथि का इंतजार किए बिना वाहन आते ही ले लेने चाहिए। तिथि का इंतजार करेंगे तो संभव है वाहन न मिल पाए।

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