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रियल टाइम्स विशेष: राजधानी सहित प्रदेश बिजली गुल से त्रस्त, अधिकारी अभियंता संघ के चुनाव में मस्त

रायपुर(realtimes) राजधानी रायपुर के साथ पूरे राज्य में लगातार हाे रही बारिश के कारण बिजली व्यवस्था पूरी तरह से चाैपट हाे गई है। ग्रामीण क्षेत्राें की ताे बात ही छाेड़ दें, राजधानी में बिजली गुल हाेने पर घंटाें खराबी नहीं मिल पाती है। इसके पीछे का कारण यह है कि इस समय बिजली विभाग के ज्यादातर अधिकारी अभियंता संघ के चुनाव में व्यस्त हैं। इधर आम जनता बिजली गुल से त्रस्त हैं। शिकायत केंद्राें का हाल यह है कि काेई फाेन ही नहीं उठाता है।

बारिश के माैसम में बिजली खराबी आम बात है, लेकिन इसी के साथ बिजली विभाग का अमला भी बहुत चुस्त रहता है, खराबी हाेने पर उसकाे ठीक करने में जुट जाता है। लेकिन इधर काफी समय से अमला पहले की तरह चुस्त नहीं रह गया है। इसके पीछे कई कारण हैं। अगर राजधानी रायपुर की बात करें ताे यहां इस समय सबसे बड़ी परेशानी यह है कि यहां पर जिन अधिकारियाें काे यहां का जिम्मा दिया गया है, उनकाे एक ताे शहर के बारे में पूरी जानकारी ही नहीं है, क्याेंकि ये अधिकारी बाहर के जिलाें से आए हैं। इसके अलावा एक और बड़ा कारण इस समय यह सामने आ रहा है कि आला अभियंता इस समय संघ के चुनाव में व्यस्त हैं।जाे अभियंता चुनाव लड़ रहे हैं, वाे छाेटे-बड़े सभी अभियंताओं काे साथ लेकर चुनाव प्रचार में व्यस्त हैं। ऐसे में बिजली गुल हाेने पर अभियंता खराबी पर ध्यान ही नहीं दे पा रहे हैं। अधिकारियाें का मार्गदर्शन न मिलने के कारण निचले स्तर के कर्मचारी ठीक से काम भी नहीं पा रहे हैं। वैसे भी सारा काम ठेके पर चल रहा है, ठेका कर्मचारियाें पर जब तक अधिकारियाें की लगाम नहीं रहेगी, उनका काम मनमर्जी वाला ही रहेगा।

अमला लाठी टेक

बिजली विभाग का अमला आज तक लाठी टेक ही बना हुआ है। कहने काे राजधानी में कराेड़ाें खर्च करके स्टाडा सिस्टम लगाया गया है, लेकिन इस सिस्टम से खराबी का पता नहीं चल पाता है। बारिश के कारण पिछले कुछ दिनाें से शहर के कई इलाकाें में बिजली गुल हाे रही है। खराबी खाेजने में ही विभाग का पसीना छूट रहा है। तीन से चार घंटा ताे अमला खराबी ही खाेजते रहता है। खराबी मिलने के बाद इसकाे ठीक करने में भी बहुत समय लग रहा है। इधर बिजली गुल हाेने पर उपभाेक्ता जब शिकायत केद्राें में शिकायत करने फाेन लगाते हैं ताे फाेन हमेशा बिजी बताता है। जानकाराें की मानें ताे बार-बार शिकायती फाेन आने के कारण काल सेंटर के कर्मचारी फोन उठाकर रख देते हैं। जहां तक अधिकारियाें का सवाल है ताे अधिकारी फाेन उठाते नहीं है। अगर काेई फाेन उठा भी ले ताे संताेषजनक जवाब नहीं मिलता है कि बिजली कब आएगी।

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