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खाने के तेलाें में फिर महंगाई का तड़का

रायपुर(realtimes) खाने के तेल की कीमत में कुछ समय पहले मिली राहत अब वापस आफत में बदने लगी है। इसके पीछे का कारण यह है कि डीजल की लगातार बढ़ती कीमत है। जो सोया तेल दस दिन पहले थोक में 130 रुपए तक आ गया था, वह वापस अब दस रुपए महंगा हो गया है। इस समय यह थोक मे 140 रुपए हो गया है। दूसरे तेलों में भी 5 रुपए तक तेजी आ गई है।

आम आदमी की कमर को महंगाई ने तोड़ने का काम किया है। लगातार हर सेक्टर में महंगाई आसमान पर जा रही है। पेट्रोल और डीजल की कीमतों का असर मालभाड़ा पर पड़ने के साथ कई सामान लगातार महंगे होते जा रहे हैं। ऐसे समय में किसी सामान की कीमत के कम होने की कल्पना नहीं की जा सकती है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे खाद्य तेल की कीमत कम होने के साथ एक्साइज ड्यूटी में भी कुछ कमी होने से खाद्य तेलों में कुछ दिनों पहले राहत मिली थी, लेकिन यह राहत वापस आफत में बदल गई है।

मालभाड़ा बढ़ने का असर

कारोबारियों का कहना है डीजल कीमत देश में सौ रुपए के पार हो गई है। ऐसा होने से मालभाड़े में 25 फीसदी तक इजाफा हो गया है। पहले एक ट्रक माल 40 हजार में आता था, वह अब 50 से 52 हजार में आ रहा है। अगर टन की बात करें तो पहले एक टन माल का भाड़ा दो हजार तक लगता था, अब यह 26 से 27 सौ रुपए लग रहा है। ऐसा होने से तेल में प्रति लीटर कम से कम चार से पांच रुपए का फर्क पड़ रहा है।

सोया तेल ज्यादा महंगा

इस समय प्रदेश के बाजार में सोया तेल की कीमत में 10 रुपए का इजाफा हो गया है। दस दिन पहले इसकी कीमत 129 से 130 रुपए थी, लेकिन अब यह 139 से 140 रुपए हो गया है। अन्य तेलों में भी करीब पांच रुपए का इजाफा हो गया है। सबसे सस्ता राइसब्रान तेल जो 110 रुपए था वह 118 रुपए, पाॅम आइल जो 115 रुपए था वह 120 से 125 हो गया है। सरसों तेल थोक में लाल गुलाब का 170 और अन्य 160 से 165 रुपए हैं।

दालों की चिल्हर कीमत में ज्यादा उबाल

दालों को लेकर बाजार में उपभोक्ता खुश नहीं हैं। इसके पीछे का कारण यह है कि दालें थोक में तो सस्ती हैं, पर चिल्हर में दुकानदारों का मनमर्जी का रेट है। जहां राहर दाल थोक में 90 से 95 रुपए में मिल रही है, वही चिल्हर में 110 से 115 में बेची जा रही है। मूंगदाल थोक में इस समय 75 से 85 थोक ही है, लेकिन चिल्हर में इसको कोई दुकानदार 110 तो कोई 120 में बेच रहा है। इसके पीछे का कारण चिल्हर कारोबारी यह बताते हैं कि जो दुकानदार एक क्विंटल की बोरी लेकर आता है, उसको चिल्हर में 110 रुपए तक बेचने में परेशानी नहीं होती है, लेकिन जो दुकानदार 20 से 25 किलो लेकर आते हैं, उनको चिल्हर में दाल सौ रुपए तक पड़ती है। मालभाड़ा मिलाकर यह 105 में पड़ती है, ऐसे में 120 रुपए में ही बेचना पड़ता है।

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