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Kawardha News: जिस बैगा को मृत समझकर कर दिए थे दशगात्र, वह मिला पाकिस्तान के बार्डर पर

बीएसएफ के जवानों ने संदिग्ध हालत में पकड़ा, परिजनों से कराई बात

कवर्धा(realtimes) विकासखंड पंडरिया के बीहड़ वनांचल ग्राम छिरपानी में जिस बैगा आदिवासी को भालू के हमले से मृत बताकर परिजनों द्वारा 4 वर्ष पूर्व दशगात्र कर चुके थे वही बैगा उनके गांव से हजारों किलोमीटर दूर पाकिस्तान बार्डर में संदिग्ध अवस्था में घुमते हुए बीएसएफ जवानों के हाथ लगा है. पति के जीवित होने की जानकारी मिलने पर उसकी पत्नि व बच्चे के चेहरे पर रौनक आ गई है. पंजाब पुलिस उक्त बैगा को अपने साथ लाने की तैयारी कर रहे हैं.

पंडरिया ब्लाक के सुदूर वनांचल ग्राम पंचायत कांदावानी  के आश्रित गांव छीरपानी निवासी रामलाल पिता सुखलाल बैगा 50 वर्ष के 7 बच्चे हैं जिसमें 4 लड़के व तीन लड़कियां हैं. इसमें से एक लड़का व एक लड़की की शादी हो चुकी है. रामलाल  का  दिमागी हालत  कुछ ठीक नहीं थी और वह घर में किसी को बताए बगैर ही चार वर्ष पूर्व अकेले कहीं चला गया था. उनकी पत्नि नानी बाई व बच्चे कई दिनों तक जंगल की खाक छानते हुए ढुंढने का प्रयास किए लेकिन रामलाल का कुछ पता नहीं चला. वहीं ग्रामीणों ने उनके परिवार को बताया कि जंगल में भालू के हमले से संभवत: रामलाल की मौत हो गई होगी और उसके शव को जंगली जानवर खा चुके होंगे. इसलिए शव नहीं मिल पा रहा है. ग्रामीणों की बात को मानकर परिजनों ने दशगात्र का कार्यक्रम भी करके रामलाल के प्रति अपनी संवेदना प्रकट करते हुए उसकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना किए.

भटककर पहुंचा बार्डर

जिला मुख्यालय से हजारों किलोमीटर दूर पंजाब के बार्डर पाकिस्तान में संदिग्ध हालत में रामलाल को मंगलवार को पकड़ा गया जिसे बीएसएफ के जवानों द्वारा थाना में रखा गया है. वहां पर पूछताछ में बैगा ने अपना नाम बताया डोंगर पिता सुखलाल , पत्नी का नाम नानी, बच्चे का नाम बुद्धू बताया तथा पंडरिया विधानसभा क्षेत्र का निवासी बताये जाने पर वहां के पुलिस द्वारा पंडरिया विधान सभा की जानकारी लिए और विधायक ममता चन्द्राकर व नेउर के पत्रकार महादेव सोनी से रामलाल की पहचान के संबंध में पता किए वहीं कांदावानी के रोजगार सहायक गजेन्द्र मांडले छीरपानी गांव जाकर रामलाल की पत्नी से पंजाब पुलिस इंस्पेक्टर प्रमोद कुमार से मोबाइल के माध्यम से रामलाल की पत्नी नानी से बात करवाया. बात करके दोनों एक दूसरे को पहचानें. रामलाल बैगा अपने भाई, पत्नी, बच्चे का नाम बताया.

पंजाब पुलिस ने दिखाई दरियादिली

विगत चार वर्षों से जिस बैगा को मृत समझकर उनके परिवार वाले गम में थे उन तक  रामलाल के जीवित होने की जानकारी पहुंचवाकर पंजाब पुलिस ने दरियादिली दिखाई है. साथ ही वीडियोकाल करवाकर परिजनों से बात भी कराया. यह देखकर रामलाल की पत्नि व उनके बच्चों के चेहरे पर खुशी की लहर दौड़ गई तथा उनके द्वारा पंजाब पुलिस को धन्यवाद भी ज्ञापित किया.

परिजनों के चेहरे पर आई खुशी

लगभग 4 साल के बाद रामलाल बैगा के जीवित होने की सूचना रोजगार सहायक, विधायक ,पत्रकार की मदद से मिलने पर उसकी पत्नि व बेटे बेटियों के चेहरे पर खुशी छा गई है. प्राप्त जानकारी के अनुसार अब रामलाल को पंजाब से लाने की तैयारी की जा रही है.

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