State

अतिशेष धान की नीलामी के लिए रेट नहीं हाेगा कम

रायपुर(realtimes) खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री अमरजीत भगत की अध्यक्षता में आज वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से मंत्रिमंडलीय उपसमिति की बैठक आयोजित हुई। बैठक में मंत्री-मंडलीय उपसमिति द्वारा खरीफ विपणन वर्ष 2020-21 में सरप्लस (अतिशेष) धान की 31 मई तक नीलामी के माध्यम से करने और समितियों में उपलब्ध धान को जल्द से जल्द संग्रहण केन्द्रों में परिवहन कर तेजी से कस्टम मिलिंग कराने पर जोर दिया। बैठक में अतिशेष धान की नीलामी के लिए अब रेट में कमी नहीं करने का प्रस्ताव पारित किया गया। इसके साथ ही उपलब्ध अतिशेष धान के कस्टम मिलिंग के बाद चावल का निष्पादन किस तरह हो के संबंध में विचार-विमर्श किया गया। मंत्रिमंडलीय उपसमिति में कृषि एवं पशुधन विकास मंत्री श्री रविन्द्र चौबे, परिवहन मंत्री श्री मोहम्मद अकबर, स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम और उच्च शिक्षा मंत्री श्री उमेश पटेल शामिल थे।

मंत्रि-मंडलीय उप समिति की बैठक में रबी सीजन के धान की आवक, वर्षा ऋतु के शीघ्र आगमन की संभावना एवं विगत दिवसों की धान की नीलामी में प्रस्तुत मात्रा के सापेक्ष में वर्तमान दरों के संबंध में भी  विचार-विमर्श किया गया। बैठक में अतिशेष धान की नीलामी के लिए धान के रेट में कोई कमी नहीं करने का निर्णय लिया गया। इसके साथ ही प्रदेश के सभी समितियों में उपलब्ध धान को संग्रहण केन्द्रों में ले जाकर तेजी के साथ कस्टम मिलिंग कराने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया। बैठक में शेष धान के कस्टम मिलिंग के पश्चात चावल का निष्पादन किस प्रकार किया जाए इस संबंध में भी चर्चा की गई। उल्लेखनीय है कि खरीफ विपणन वर्ष 2020-21 में सरप्लस (अतिशेष) धान की नीलामी और नीलामी में प्राप्त प्रस्ताव की दरों के अनुमोदन के लिए राज्य सरकार द्वारा मंत्री-मंडलीय उप समिति का गठन किया गया है।

मार्कफेड के अधिकारियों ने बताया कि वर्तमान में समितियों में लगभग 9.22 लाख मीट्रिक टन धान उपलब्ध है। मिलर्स द्वारा सीधे समितियों से धान उठाव और संग्रहण केन्द्रों में निरंतर परिवहन से लगभग 5.52 लाख मीट्रिक टन धान का उठाव 17 दिनों में हो जाएगा। मंत्री श्री भगत ने बारिश के मौसम में समितियों में उपलब्ध धान खराब न हो इसलिए 10 जून तक धान का उठाव सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने प्रतिदिन धान परिवहन की गति में भी बढ़ोत्तरी करने के निर्देश अधिकारियों को दिए। गौरतलब है कि मंत्री मंडलीय उप समिति द्वारा मोटा एवं सरना धान के लिये 1350 रुपये प्रति क्विंटल एवं इससे अधिक तथा ग्रेड-ए (पतला) धान के लिये 1400 रूपये या इससे अधिक की राशि को स्वीकृति प्रदान की गई थी।

अपने मोबाइल पर REAL TIMES का APP डाउनलोड करने के लिए यहाँ क्लिक करें

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
COVID-19 LIVE