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प्रदेश में सरप्लस ऑक्सीजन, उद्योगों को देने में परेशानी नहीं, केंद्र की मंजूरी पर टिकी नजरें

रायपुर(realtimes) प्रदेश में कोरोना की रफ्तार मंद पड़ने के कारण अब ऑक्सीजन की मारा-मारी समाप्त हो गई है। प्रदेश में इस समय बहुत ज्यादा सरप्लस ऑक्सीजन है।

प्रदेश में ऑक्सीजन का उत्पादन रोज 464 मेट्रिक टन हो रहा है। जहां तक खपत का सवाल है तो इस समय मेडिकल खपत 131 मेट्रिक हो रही है। इसके अलावा 175 मेट्रिक टन ऑक्सीजन की मदद दूसरे राज्यों को की जा रही है। यही वजह है कि अब प्रदेश के स्टील उद्योगों को वापस ऑक्सीजन देने में कोई परेशानी नहीं होने वाली है। लेकिन यहां परेशानी यह है कि राज्य सरकार इसका आदेश नहीं कर सकती है, क्योंकि उद्योगों को आक्सीजन देने पर प्रतिबंध केद्र सरकार ने लगाया है। ऐसे में प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सामने उद्योगों को ऑक्सीजन देने की मांग रखी, इसके बाद केंद्रीय उद्योग मंत्री पीयूष गोयल को पत्र लिखकर प्रदेश की स्थिति से अवगत करते हुए उद्योगों को 20 फीसदी ऑक्सीजन देने की मंजूरी देने की मांग रखी है।

कोरोना के कहर के चलते देश भर में मेडिकल ऑक्सीजन को लेकर मचे हाहाकार के चलते केंद्र सरकार ने देश भर के स्टील उद्योगों को दी जाने वाली ऑक्सीजन पर 22 अप्रैल से रोक लगा दी। इस निर्देश का पालन करते हुए यहां के स्टील उद्योगों को भी ऑक्सीजन की सप्लाई बंद कर दी गई। इसी के साथ उद्योगों के लिए ऑक्सीजन बनाने वाले एक दर्जन ऑक्सीजन प्लांटों को भी मेडिकल ऑक्सीजन बनाने की मंजूरी दी गई। तब से ये उद्योग भी मेडिकल ऑक्सीजन का ही निर्माण कर रहे हैं।

अब मेडिकल 131 मेट्रिक टन

कोरोना का जब प्रदेश में पिछले माह तक पीक था, तब यहां भी ऑक्सीजन को लेकर हाहाकार मचा था। ऐसे में यहां पर पीक समय में रोज 180 मेट्रिक टन ऑक्सीजन की खपत हो रही थी। इसी के साथ देश के दूसरे राज्यों को भी ऑक्सीजन भेजा जा रहा था। लेकिन अब यहां पीक समाप्त हो गया है। अब अस्पतालों में भारी संख्या में ऑक्सीजन बेड खाली हो गए हैं। पहले तो बेडों के लिए भारी मारा मारी मची थी। इस समय मेडिकल ऑक्सीजन की खपत 131 मेट्रिक टन हो रही है। इसी के साथ दूसरे राज्यों में 175 मेट्रिक टन ऑक्सीजन भेजा रहा है। ऐसे में ऑक्सीजन की कुल खपत 306 मेट्रिक टन है। जहां तक प्रदेश में ऑक्सीजन के उत्पादन का सवाल है तो 464 मेट्रिक टन उत्पादन रोज हो रहा है। इसमें से भिलाई स्टील प्लांट 60 मेट्रिक टन, इसके अलावा भिलाई में ही एक बड़े ऑक्सीजन प्लांट में 350 मेट्रिक टन के साथ निको जायसवाल, गोदावरी इस्पात और जिंदल रायगढ़ में 12-12 मेट्रिक टन का उत्पादन होता है।

उद्योगों को 20 फीसदी ऑक्सीजन देने की तैयारी

प्रदेश के स्टील उद्योगों में रोज करीब 90 मेट्रिक टन ऑक्सीजन की खपत होती है। इस समय उद्योग इसमें से महज 20 फीसदी की ही मांग कर रहे हैं, ताकि उनके उद्योग चल सके। उद्योगों की मांग को जायज मानते हुए ही प्रदेश के मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय उद्योग मंत्री के सामने उद्योगों को 20 फीसदी ऑक्सीजन देने की मंजूरी देने की बात रखी है। संभावना है, जल्द ही इस पर केंद्र सरकार से निर्देश आने पर उद्योगों को ऑक्सीजन मिलने लगेगी। इस समय उद्योग बड़े उद्योगों से ऑक्सीजन लेकर काम चल रहा है।

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