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रेडी टू ईट में भ्रष्टाचार पर बवाल, भाजपा ने भी उठाया बड़ा सवाल, दाे महिला स्व-सहायता बर्खास्त और दाे अधिकारी निलंबित

रायपुर(realtimes) मिहला एवं बाल विकास विभाग के रेडी टू ईट में हुए भ्रष्टाचार से प्रदेश में बवाल मच गया है। इस मामले में भाजपा ने भी बड़ा सवाल खड़ा किया है। राज्यसभा सांसद सराेज पांडेय ने ताे सीधे ताैर पर विभागीय मंत्री पर ही भ्रष्टाचार का आराेप लगाया है। इसी के साथ इस मामले में मंत्री काे बचाने की भी बात की जा रही है। हालांकि इस मामले में अनिला भेड़िया का कहना है, राज्यसभा सांसद आधार हीन आराेप लगा रही हैं।

महासमुंद के महिला बाल विकास अधिकारी द्वारा अपने ही विभाग काे कटघरे में खड़े करने के बाद इस मामले ने तुल पकड़ा है। सुधाकर बाेदले अपने विभाग पर ही भ्रष्टाचार का आराेप लगाते हुए अनशन पर बैठ गए। इसके बाद एक दिन पहले पूर्व मुख्यमंत्री डा. रमन सिंह ने इस माले में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल काे पत्र लिखा। इसके बाद आज भाजपा ने इस मामले में बड़ा सवाल खड़ा किया।

सराेज ने लगाया मंत्री पर आरोप

इस मामले में भाजपा की पूर्व राष्ट्रीय महासचिव और राज्यसभा सांसद सरोज पांडेय ने  कहा- मंत्री को बचाने के लिए कोशिश की जा रही। भ्रष्टाचार में मंत्री की संलिप्तता है। मंत्री के पास करोड़ों रूपए की राशि जाती रही है। उन्हाेंने मंत्री को बर्खास्त करने की मांग की है।

उन्हाेंने कहा, सरकार की बनाई जांच कमेटी महज एक नाटक  है। उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश की निगरानी में जांच कमेटी बनानी चाहिए। उन्हाेंने कहा, भ्रष्टाचार के विरोध में भाजपा आंदोलन करेगी। महिला मोर्चा 18 मई को तहसील और ब्लाॅक मुख्यालय में और 19 मई को जिला मुख्यालय में ज्ञापन देगी। 20 मई को भाजपा महिला मोर्चा की पदाधिकारी और कार्यकर्ता अपने-अपने घरों में धरना देंग।

यह हुई काार्रवाई

महिला एवं बाल विकास संचालक दिव्या मिश्रा ने बताया, महिला एवं बाल विकास अधिकारी की शिकायत बिन्दुओं की गठित जांच दल ने आज महासमुन्द परियोजना ग्रामीण की जांच की। प्रथम दृष्टया रेडी-टू-ईट गुणवत्तापूर्ण नहीं पाए जाने पर प्रगति महिला स्व-सहायता समूह बरोण्डाबाजार और एकता महिला स्व-सहायता समूह लभराखुर्द को बर्खास्त किया गया है। इससे संबंधित सेक्टर के दो पर्यवेक्षक शशि जायसवाल बरोण्डाबाजार और दीपमाला तारक लभराखुर्द को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। संचालक दिव्या मिश्रा ने कहा कि मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजनांतर्गत वर्ष 2019-20 एवं 2020-21 के क्रय में प्रथम दृष्टया में अनियमितता परिलक्षित हो रही है. इसलिए वर्ष 2019-20 एवं 2020-21 का संबंधित भुगतान पर रोक लगा दी गई है. प्रकरण की जांच पूर्ण होने पर दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी.

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