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पीएम मोदी करेंगे छत्तीसगढ़ के कलेक्टराें से सीधे बात

प्रदेश के भी पांच जिलों के कलेक्टरों से पूछेंगे कोरोना की स्थिति

रायपुर(realtimes) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पहली बार देश के उन राज्याें के कलेक्टरों से मुखातिब होनो वाले हैं, जहां पर कोरोना का कहर ज्यादा है। ऐसे जिलों में छत्तीसगढ़ के भी पांच जिले बिलासपुर, रायगढ़, कोरबा, जांजगीर चांपा और बलौदाबाजार भाटापारा शामिल हैं। इनके कलेक्टरों से 20 मई की सुह 11 बजे बात होगी। इनसे प्रधानमंत्री चर्चा करके जिलों में कोरोना की स्थिति की जानकारी लेंगे।

प्रधानमंत्री देश के जिन राज्यों के जिलों के कलेक्टरों से चर्चा करने वाले हैं, उनमें पश्चिम बंगाल के 9, उत्तर प्रदेश के 4, राजस्थान के 5, ओडिशा के 3 जिलों के कलेक्टर भी बैठक में शामिल होंगे। छत्तीसगढ़ के पांचों जिलों के कलेक्टरों की पीएम के साथ चर्चा 20 मई को सुबह 11 बजे होगी। पीएम के साथ होने वाली वर्चुअल कांफ्रेंसिंग के दौरान जिलों में संक्रमण के मामले बढ़ने की वजह, रोकथाम के लिए किए गए उपायों पर चर्चा होगी। साथ ही वैक्सीनेशन और संक्रमण रोकने के उपायों पर भी प्रधानमंत्री दिशा निर्देश देंगे। छत्तीसगढ़ में पहले दौर में कोरोना ने रायपुर और दुर्ग जिले में कहर बरपाया था। दूसरी लहर के शुरुआती दौर में भी यही दोनों जिले सर्वाधिक प्रभावित रहे, लेकिन अब संक्रमण का असर रायपुर और दुर्ग से अधिक बिलासपुर, कोरबा, रायगढ़, जांजगीर-चांपा और बलोदा बाजार में नजर आ रहा है। इन जिलों में हर दिन 500 से 1000 तक मामले सामने आ रहे हैं। ऐसे में प्रधानमंत्री इन्हीं पांच जिलों के कलेक्टरों से सीधे मुखातिब होंगे।

सुधर रहे हैं हालात

छत्तीसगढ़ के जिन 5 जिलों के कलेक्टरों से प्रधानमंत्री संवाद करने जा रहे हैं। उन जिलों में स्थिति पहले से काफी बेहतर हुई है। अप्रैल माह के अंत में इन सभी जिलों में 1000 से 2000 तक मामले हर दिन सामने आ रहे थे। मौतों की संख्या भी काफी अधिक थी, लेकिन ठोस रणनीति और बेहतर प्रबंधन ने इन जिलों में पॉजिटिविटी रेट को काफी कम किया है।

बिलासपुर में अच्छी व्यवस्था

बिलासपुर में संक्रमण के पीक के दौरान होम आइसोलेशन पर जोर दिया गया। बिलासपुर जिले के कलेक्टर डॉ.सारांश मित्तर खुद भी डॉक्टर हैं। ऐसे में उन्होंने खुद डॉक्टर्स की मीटिंग लेकर बेहतर उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित की। एक साथ अधिक मामलों को हैंडल करने कॉल सेंटर स्थापित कराए। गंभीर मरीजों के लिए रेमडेसीविर इंजेक्शन की उपलब्धता सुनिश्चित की गई। सभी अस्पतालों में मॉनिटरिंग के लिए नोडल ऑफिसर नियुक्त किए गए। निजी अस्पतालों से लगातार सामने आ रही शिकायतों को रोकने सीसीटीवी कैमरे लगाए गए। निजी अस्पतालों के डॉक्टर्स की मीटिंग कर उन्हें भी उपचार में साथ दिया गया। भारी-भरकम बिल की वजह से होने वाले विवादों को रोका गया। साथ ही निजी अस्पतालों में भी बेहतर उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित की गई।

कोरबा में संक्रमण रोकने नए प्रयोग

कोरबा की कलेक्टर किरण कौशल बताती हैं, संक्रमण को नियंत्रित करने कई नई पहल की गई। संभावित मरीजों को पहले ही ट्रेस कर उन्हें दवा दी गई। पूरे जिले में होम आइसोलेशन को बल दिया गया। वर्तमान में 8000 मरीज होम आइसोलेशन में उपचार ले रहे हैं। ऐसे मरीजों की निगरानी के लिए 234 डॉक्टर नियुक्त किए गए। व्यवस्था सुनिश्चित की गई कि 94 से नीचे ऑक्सीजन लेवल होने पर लोगों को भटकना न पड़े। ऐसे लोगों को अस्पताल में भर्ती कराने खुद हमारी टीम काम करती है। ब्लॉक स्तर पर भी ऑक्सीजन बेड की उपलब्धता सुनिश्चित की गई।

रायगढ़ में संक्रमण बढ़ा तो सभी बॉर्डर सील

रायगढ़ जिले की सीमा ओडिशा से जुड़ी हुई है। ऐसे में यहां बड़ी संख्या में प्रवासी लोगों का आना जाना भी लगा रहता है। संक्रमण बढ़ने के बाद जिले के सभी बॉर्डर सील किए गए। पुलिस और स्वास्थ्य अमले को बॉर्डर में तैनात कर प्रत्येक आने वाले व्यक्ति की टेस्टिंग और क्वांरटाइन सुनिश्चित किया गया। गंभीर मरीजों की संख्या बढ़ने के बाद लगातार ऑक्सीजन बेड की उपलब्धता भी बढ़ाई गई। वर्तमान में 175 वेंटिलेटर और 1100 आक्सीजन बेड भी उपलब्ध है। कलेक्टर भीम सिंह बताते हैं हर दिन ऑक्सीजन बेड की उपलब्धता बढ़ाने की कोशिश की जा रही है।

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