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बिल्डिंग मटेरियल का परिवहन भी लॉक, रोज लग रहा साै करोड़ का फटका

रायपुर(realtimes) लॉकडाउन ने हर सेक्टर को हिलाकर रख दिया है। हर सेक्टर में भारी नुकसान हो रहा है। कारोबार की जान निकल रही है। रोज कई तरह के कारोबार को करोड़ों का नुकसान हो रहा है। अब बिल्डिंग मटेरियल परिवहन की ही बात करें तो प्रदेश में रोज दस हजार ट्रक रेत के साथ इतनी ही ट्रक गिट्टी और ईंट का कारोबार होता है। यह कारोबार करीब 50 करोड़ का है। इसी के साथ सीमेंट और सरिया का करीब 60 करोड़ का कारोबार रोज होता है। अन्य सामानों का काराेबार भी करीब 20 करोड़ का हो जाता है। ऐसे में रोज सवा साै करोड़ का कारोबार होता है, इसमें से 20 से 25 करोड़ का ही काम हो रहा है। रोज साै करोड़ का कारोबार प्रभावित हो रहा है।

बिल्डिंग मटेरियल के कारोबार से जुड़े लोग बताते हैं, प्रदेश में 802 रेत खदानों के साथ दो हजार गिट्टी खदानें, एक हजार से ज्यादा लाल ईंट बनाने वाले भट्ठे एवं फ्लाई एश ईंट बनाने वाले भी करीब एक हजार हैं। इनके ट्रांसपोर्ट के कारोबार में अकेले छत्तीसगढ़ रेत परिवहन संघ की तीन हजार ट्रकें लगी रहती हैं। रेत के साथ गिट्टी और ईंट का रोज का करीब दस-दस हजार ट्रकों का काम होता है। रेत और गिट्टी एक ट्रक औसत दस हजार और ईंट करीब 25 हजार की पड़ती है। ऐसे में इन तीनों का मिलाकर ही एक दिन में 45 करोड़ का कारोबार होता है। इसके साथ ही मुरुम का भी करीब पांच करोड़ का काम होता है। कारोबारी कहते हैं, इस समय मुश्किल से रोज हजार ट्रकों का ही परिवहन हो पा रहा है।

सीमेंट और सरिया का कारोबार करने वालों की मानें तो एक दिन में इसका 60 करोड़ का कारोबार हो जाता है। सीमेंट का कारोबार बड़ा है। प्रदेश में रोज करीब 30 हजार टन सीमेंट की बिकता है। इसकी खपत ज्यादातर सरकारी कामों और रीयल एस्टेट में होती है। इस समय यह खपत 20 से 25 फीसदी तक ही हो रही है। सरिया की खपत भी नहीं के बराबर हो रही है। ज्यादातर काम वाली साइट में मजदूर न होने के कारण काम प्रभावित हो रहा है।

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