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बिजली मीटर रीडिंग से रोजगार देने की योजना लापता

रायपुर(realtimes) छत्तीसगढ़ राज्य पावर कंपनी ने पिछले साल बिजली मीटरों से रीडिंग में गांवों से युवा बेरोजगारों को रोजगार देने की योजना बनाई थी। इस योजना को नए सत्र अप्रैल से लागू करने की बात की गई थी, लेकिन नया सत्र प्रारंभ होने के बाद भी इस योजना का अता-पता नहीं है। इस मामले में पावर कंपनी के अधिकारी कुछ बता भी नहीं रहे हैं। बार-बार एक ही बात कही जा रही है कि साफ्टवेयर बनाने का काम चल रहा है।

प्रदेश में 50 लाख घरेलू बिजली उपभोक्ता हैं। इनके मीटरों की रीडिंग कराने के लिए पावर कंपनी ने ठेके पर काम देकर रखा है। ठेकेदारों को साढ़े पांच रुपए एक मीटर रीडिंग के दिए जाते हैं। इसमें रीडिंग के साथ बिल भी देना शामिल है। इस समय प्रदेशभर में मोबाइल ऐप के माध्यम से ही रीडिंग हो रही है। इस स्पॉट बिलिंग में भी शिकायतों का अंबार है। ग्रामीण क्षेत्र में स्थिति ज्यादा बुरी है, जहां से शिकायतें आती हैं कि रीडर समय पर रीडिंग नहीं करते या फिर हर माह रीडिंग नहीं होती। ऐसे में पावर कंपनी ने पिछले साल नई व्यवस्था करने का फैसला किया। इसके लिए पावर कंपनी ने अपना एक साॅफ्टवेयर निर्माण प्रारंभ किया। लेकिन पांच माह से ज्यादा होने के बाद भी यह साफ्टवेयर नहीं बन सका है। पावर कंपनी के अधिकारियों ने कहा था सॉफ्टवेयर बनने के बाद पावर कंपनी अपना एक नया ऐप रीडिंग के लिए तैयार करेगी। इस समय जो ऐप चल रहा है, उसी तरह का यह ऐप होगा। इसमें किसी भी गांव का कोई भी युवक अपने गांव के उपभोक्ताओं की रीडिंग कर सकेगा। लेकिन अब तक न तो साफ्टवेयर तैयार हुआ है और न ही नया ऐप बनाया गया है

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