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राजधानी रायपुर में लॉकडाउन से पहले तीन दिनाें में बिक गया आधे माह का राशन

रायपुर(realtimes) राजधानी रायपुर में लॉकडाउन लगने के कारण तीन दिनों में आधे माह का राशन बिक गया। यहां राशन, किराना, सब्जी, फल और अन्य जरूरी सामानों की एक दिन में करीब दस करोड़ की बिक्री होती है, लेकिन लॉकडाउन से पहले के तीन दिनों में ही 150 करोड़ की बिक्री हुई।

कोरोना के कहर को देखते हुए रायपुर में सात अप्रैल को 9 अप्रैल की शाम से लॉकडाउन लगाने का फैसला यह सोचकर किया गया कि लोग अपनी जरूरत का सामना तीन दिनों में आसानी से खरीद सके, लेकिन लॉकडाउन की दशहत में लोग कोरोना का डर भी भूल गए और लॉकडाउन की खबर मिलते ही बाजार में टूट पड़े। लोगों ने पहले दिन से ही जमकर अपनी जरूरत का सामान जरूरत से भी ज्यादा खरीद लिया।

एक दिन 50 करोड़ का व्यापार

आमतौर पर राजधानी रायपुर में राशन, किराना, सब्जी, फल, बेकरी और अन्य जरूरत के सामान के व्यापार की बातें करें तो यहां पर दस करोड़ का व्यापार होता है। लेकिन लॉकडाउन लगने के तीन दिन पहले रिकार्डतोड़ व्यापार हुआ। पहले से तीसरे दिन तक रोज करीब 50 करोड़ रुपए का व्यापार हुआ। इसमें सबसे ज्यादा खरीदारी राशन और किराना सामान की हुई। सब्जी और फलों को चूंकि ज्यादा दिनों तक नहीं रखा जा सकता, ऐसे में इसका स्टॉक करीब सप्ताह भर का ही लिया गया, लेकिन जहां तक रसोई के जरूरत के सामान का सवाल है तो इसका ज्यादातर लोगों ने कम से कम 15 दिनों का स्टॉक लिया।

जमकर मुनाफाखोरी

राशन और किराना दुकानों में आमतौर पर व्यापारी 10 से 15 दिनों का स्टाक रखते हैं। ज्यादातर व्यापारियों का यह स्टॉक पहले ही दिन समाप्त हो गया। स्थिति यह रही कि मोहल्लों की दुकानों में भी तेल, चावल, आटा, दाल के साथ मसालों की भी कमी हो गई। चिल्हर व्यापारियों ने स्थिति को देखते हुए जमकर मुनाफाखोरी भी की। सामानों को डेढ़ से दुगनी कीमत पर बेचा गया। यह स्थिति किराना सामान में तो कम लेकिन सब्जी, फल, और आलू, प्याज में ज्यादा देखने को मिली। शासन की सख्ती के बाद भी मुनाफाखोरी कम नहीं हुई, इसका थोड़ा सा असर अंतिम दिन जरूर पड़ा कि कुछ कम कीमत पर सामान मिला।

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