City

भाजयुमो के पदाधिकारियों पर गाज गिरेगी या मिलेगा अभ्यदान… अभी इंतजार

रायपुर(realtimes) प्रदेश भारतीय जनता युवा मोर्चा के जिन दर्जन भर पदाधिकारियों को पात्र नहीं माना जा रहा है, उन को अभ्यदान मिलेगा या उन पर गाज गिरेजी इसके फैसले के लिए अभी इंतजार करना होगा।  प्रदेश प्रभारी डी. पुरंदेश्वरी के फरमान पर हर पदाधिकारी के साथ जिलाध्यक्षों की कुंडली बनाकर उनको सौंपी गई है। कुंडली का निरीक्षण करने के बाद प्रदेश प्रभारी को तय करना है कि क्या किया जाए। यहां पर प्रदेश प्रभारी के निर्देश का इंतजार है, जैसा निर्देश आएगा उसके हिसाब से आगे की कार्रवाई होगी।

प्रदेश प्रभारी डी. पुरंदेश्वरी के पिछले माह यहां पर 12 और 13 फरवरी को दो दिनों के दौरे पर आने के समय उनके सामने सबसे बड़ा मामला भाजयुमो में नियुक्तियों का आया था। पहले ही दिन जब मोर्चा के पदाधिकारियों की बैठक ली गई तो भाजयुमो के प्रभारी और सहप्रभारी ने नियुक्तियों के मामले में हाथ खड़े कर दिए। ऐसे में अध्यक्ष अमित साहू जो दिल्ली प्रवास पर गए थे, उनको वहां से रायपुर बुलाकर उनसे प्रदेश प्रभारी ने नियुक्तियों में मचे बवाल पर बात की। इस समय प्रभारी और सहप्रभारी भी साथ थे। अंत में प्रदेश प्रभारी ने फैसला सुनाया कि उनको हर पदाधिकारी के साथ जिलाध्यक्षों की पूरी कुंडली बनाकर दी जाए।

कुंडली बनाकर दी

प्रदेश प्रभारी को जहां दूसरी राजनीति पार्टियों से आए कुछ को पदाधिकारी बनाने की शिकायत मिली, वहीं कुछ नए युवाओं और 35 साल से ज्यादा के लोगों को भी रखने की शिकायत की गई। ऐसे करीब एक दर्जन पदाधिकारी हैं। इनमें करीब आधा दर्जन 35 साल से ज्यादा के पदाधिकारी हैं। ऐसे में जो कुंडली तैयार की गई है, उसमें हर पदाधिकारी के साथ जिलाध्यक्षों का पूरा बॉयोडाटा है। इसमें विशेष रूप से उनकी जन्मतिथि, भाजपा में कब से हैं, किस-किस पद पर रहे हैं। पदों में रहते हुए उनकी सक्रियता क्या रही है। इसी के साथ शिक्षा और पारिवारिक जानकारी भी है। यह सारी जानकारी प्रदेश प्रभारी को यहां पर कार्यसमिति की बैठक में शामिल होने आने पर दे दी गई है।

फेरबदल संभव

भाजपा के जानकारों का कहना है, आमतौर पर भाजपा में एक बार नियुक्ति के बाद फेरबदल की संभावना नहीं रहती है, लेकिन यहां पर अब मामला दूसरा है। प्रदेश प्रभारी के पास जिस तरह की शिकायतें गईं हैं, और उनके सामने जिस तरह से भाजपा के दिग्गज नेताओं ने भी नियुक्तियों को लेकर आपत्ति की है, साथ ही प्रदेश के कई जिलाध्यक्षों ने भी अपने-अपने जिलों में बिना उनकी सहमति और जानकारी के भाजयुमो के जिलाध्यक्षों की नियुक्ति करने की बात रखी है, उससे तय माना जा रहा है कि प्रदेश प्रभारी पदाधिकारियों की कुंडली देखने के बाद प्रदेश कार्यकारिणी के साथ जिलाध्यक्षों में भी फेरबदल कर सकती हैं।

अपने मोबाइल पर REAL TIMES का APP डाउनलोड करने के लिए यहाँ क्लिक करें
advertisement

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published.

Back to top button