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प्रदेश भाजपा संगठन का निर्देश जिला मोर्चा की कार्यकारिणी की घोषणा में ठेंगें पर

रायपुर(realtimes) प्रदेश भाजपा संगठन में बवाल औऱ विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। एक बवाल थमता भी नहीं है, दूसरा सामने आ जाता है। इस बार के विवाद में संगठन के निर्देश को ठेंगा दिखकर विभिन्न मोर्चा की जिला कार्यकारिणी बनाई जा रही है। प्रदेश के संगठन महामंत्री पवन साय ने सभी मोर्चा को निर्देश दिए हैं कि किसी भी जिला कार्यकारिणी में अध्यक्ष सहित 21 से ज्यादा पदाधिकारियों की कार्यकारिणी नहीं होनी चाहिए, लेकिन जिला कार्यकारिणी में जिस मोर्चा को जितनी मर्जी है, उतने पदाधिकारी रखे जा रहे हैं। इसका कोई मापदंड नहीं है।

भाजपा के सात मोर्चा में अब तक जिलों की कार्यकारिणी तय नहीं हो सकी है। प्रदेश प्रभारी डी. पुरंदेश्वरी की दी गई डेडलाइन तीन बार डेड हो गई है। अब उनका 13 मार्च को प्रवास होने वाला है। ऐसे में लगातार विभिन्न मोर्चा की जिला कार्यकारिणी रायपुर जिले सहित अन्य जिलों में घोषित की जा रही है। जिलों की कार्यकारिणी को लेकर अब यह बात सामने आ रही है कि इनमें की जा रही नियुक्तियों को लेकर संगठन के निर्देशों का कुछ मोर्चा पालन नहीं कर रहे हैं।

मनमर्जी से नियुक्तियां

प्रदेश भाजपा संगठन महामंत्री पवन साय ने सभी मोर्चा के प्रदेश अध्यक्षों को साफतौर पर एक फार्मेट भेजकर कहा है कि किसी भी जिला कार्यकारिणी में अध्यक्ष सहित 21 पदाधिकारी ही होंगे। पहले यह संख्या ज्यादा रहती थी। अब उपाध्यक्ष और मंत्री के पांच-पांच के स्थान पर तीन-तीन पद किए गए हैं। इसी के साथ कोषाध्यक्ष का एक ही पद होगा, सहकोषाध्यक्ष का पद नहीं होगा। महामंत्री के दो पद रहेंगे। इन दस पदों के अलावा अन्य पदों की संख्या 11 से ज्यादा नहीं होगी, लेकिन जो कार्यकारिणी घोषित की जा रही है, उसमें जहां सहकोषाध्यक्ष रखा जा रहा है, वहीं प्रचार मंत्री और सोशल मीडिया प्रभारी के दो से लेकर सात-सात प्रभारी रखे जा रहे हैं। इसके पीछे का कारण यह है कि पदों की संख्या कम होने के कारण दिग्गज नेताओं के समर्थकों को स्थान देने उनको दूसरे पदों में संख्या बढ़ाकर रखा जा रहा है। अलग-अलग मोर्चा में अपने हिसाब से अलग-अलग नियुक्तियां हो रही हैं। किसी भी मोर्चा में नियुक्तियों को लेकर समानता है ही नहीं।

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