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गोधन न्याय योजना पर में गोबर खरीदी के मद को लेकर हंगामा, विपक्ष का बहिर्गमन

14 वें और 15 वें वित्त आयोग की राशि से भुगतान करने पंचायतों पर दबाव का आरोप

रायपुर(realtimes) गोधन न्याय योजना के तहत गोबर खरीदी के भुगतान के मद पर विपक्ष ने सवाल उठाए। उन्होंने पूछा कि सरकार गोबर के लिए 77 करोड़ रुपये के भुगतान किया है। यह भुगतान किस मद से किया गया है। जवाब में कृषि मंत्री रविंद्र चौबे ने कहा कि यह गोधन न्याय योजना के मद से हुआ है, इसके लिए सेस लगाया गया है। भाजपा विधायकों ने  मंत्री पर सदन को गुमराह करने का आरोप लगाया। इसके भुगतान के लिए सरकार ने पंचायतों को 14वें और 15वें वित्त आयोग की राशि देने दबाव बनाया। यह पंचायतों के अधिकार का हनन का आरोप लगाते हुए सदन से बहिर्गमन किया।

प्रश्नकाल में भाजपा विधायक शिवरतन शर्मा ने गोबर खरीदी के भुगतान का मामला उठाते हुए पूछा कि किस-किस जिलों में कितना गोबर खरीदा गया। किस-किस मद से कितना भुगतान किया गया? खरीदे गए गोबर से किस जिले से कितना वर्मी कंपोस्ट तैयार हुआ? वर्मी कंपोस्ट से कितनी मात्रा में किन संस्थाओं को बेचा गया? कृषि मंत्री रविंद्र चौबे ने कहा कि कुल 40.349 लाख क्विंटल गोबर क्रय किया गया। 15 फरवरी तक गोधन न्याय योजना के अंतर्गत कुल 7752.13 लाख का भुगतान किया गया। कुल 70044.18 क्विंटल वर्मी कंपोस्ट तैयार हुआ। प्रदेश में खरीदे गए गोबर से समस्त 28 जिलों में कुल 40643.41 क्विंटल वर्मी कंपोस्ट का विक्रय विभिन्न संस्थाओं को किया गया। जिसकी राशि 397.61 लाख है।

कृषि मंत्री रविन्द्र चौबे ने कहा पंचायतीराज अधिनियम के तहत गौठान ग्राम पंचायतों की प्रॉपर्टी है। समितियों का गठन पंचायतों द्वारा की गई है। विधायक शिवरतन शर्मा ने कहा कि ग्राम सभाओं से समिति बनाने का प्रस्ताव मंगाया गया था। 90 फीसदी से ज्यादा समिति ग्राम सभा की अनुशंसा के विपरीत बनाये गए हैं। कृषि मंत्री ने कहा कि फरवरी के पहले तक ग्रामीण विकास विभाग के माध्यम से गोबर खरीदी का भुगतान किया गया इसके बाद कृषि विभाग के माध्यम से भुगतान किया जा रहा है।

पंचायतों पर बनाया भुगतान का दबाव

विधायक शर्मा ने कहा कि 14 वें और 15 वें वित्त आयोग की राशि से भुगतान के लिए पंचायतों पर दबाव बनाया जा रहा है. यह राशि गांवों के आधारभूत विकास के लिए होती है. मंत्री यह बताए कि गोबर खरीदी का भुगतान किन मदों से किया गया?

कृषि मंत्री रविन्द्र चौबे ने कहा कि मद का भुगतान गोधन न्याय योजना के तहत ही किया गया. जो सेस हमने लगाया उसके जरिये भुगतान हुआ है। विधायक शिवरतन शर्मा ने आरोप लगाया कि मंत्री सदन को गुमराह कर रहे हैं। उन्होंने पूछा कि 40 लाख टन से ज्यादा गोबर खरीद कर रखा गया है, इसका इस्तेमाल दो महीने के भीतर नहीं किया गया तो यह उपयोग लायक नही रह जाएगा? कृषि मंत्री रविन्द्र चौबे ने कहा कि 6 हजार 200 से ज्यादा गौठान निर्मित हो गए हैं। विधायक बृजमोहन अग्रवाल ने कहा मंत्री जवाब देने से बच रहे हैं। अजय चंद्राकर ने कहा कि कितनी राशि गोधन न्याय योजना मद में रखी गई है? कृषि मंत्री रविन्द्र चौबे सदन में जवाब नहीं दे पाए। मंत्री के जवाब से असंतुष्ट भाजपा विधायकों ने फिर सदन से बहिर्गमन किया।

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