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बांड का उल्लंघन करने वाले डॉक्टरों के लिए बनेगा नया नियम

रायपुर(realtimes) जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ के विधायक धर्मजीत सिंह के सवाल पर स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने बताया, 2016 से 2019 के चार वर्षों में पंजीयन कराने वाले कुल 497 एमबीबीएस-एमएस डॉक्टरों को ग्रामीण क्षेत्रों के स्वास्थ्य केंद्रों के लिए नियुक्ति आदेश जारी किया गया। ऐसा उनके बांड के आधार पर किया गया था, लेकिन 148 डॉक्टरों ने ग्रामीण अस्पतालों में जॉइन किया है।

 विधायक धर्मजीत सिंह ने शासकीय सेवा में नियुक्ति का मामला उठाया। विधायक ने रजिस्टर्ड मेडिकल यूजी और पीजी उपाधि धारकों को शासकीय सेवा में नियुक्ति को लेकर मंत्री से सवाल किया। धर्मजीत सिंह ने पूछा प्रदेश के मेडिकल कॉलेज के यूजी और पीजी की उपाधि प्राप्त कितने छात्र छात्राओं ने रजिस्ट्रेशन कराया? कितने छात्रों ने छत्तीसगढ़ मेडिकल काउंसिल रजिस्ट्रेशन कराया? क्या रजिस्टर्ड स्टूडेंट्स की शासकीय चिकित्सालयों के लिए नियुक्ति का आदेश जारी किया गया। कितने पदों पर और उसके विरुद्ध कितने लोगों ने कार्यभार ग्रहण किया? बांड का उल्लंघन करने वालों से वसूली की कार्रवाई प्रक्रियाधीन है। स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि इस सवाल ने इस व्यवस्था की समीक्षा करने का अवसर दिया है। माना जाता है, एक डॉक्टर को तैयार करने में 97 लाख रुपये से अधिक का खर्च आता है। ऐसे में नियमों की समीक्षा की डॉक्टरों की गांवों में जॉइनिंग सुनिश्चित की जाएगी।

धर्मजीत सिंह ने सवाल किया कि प्रदेश के डॉक्टर ग्रामीण क्षेत्रों में क्यों सेवाएं नहीं दे रहे हैं। इसके लिए क्या प्रयास किए जाने चाहिए। शासन ऐसे लोगों पर सख्ती क्यों नहीं कर रहा है। मंत्री ने कहा कि एक साल के भीतर इन्हें भरने की प्रक्रिया कर ली जाएगी।

इस पर स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि छात्र छात्राओं के लिए नियुक्ति आदेश जारी किया गया। जिसके पालन में 148 चिकित्सकों ने कार्यभार ग्रहण किया। 2 वर्ष की अवधि तक ग्रामीण क्षेत्रों में सेवाएं दिए जाने का प्रावधान है। इसका पालन नहीं किए जाने पर संबंधित अभ्यर्थी से अनुबंध की राशि। भू राजस्व की बकाया के रूप में वसूल करने की कार्रवाई करने का प्रावधान है। ऐसे लोगों से अनुबंध का पालन नहीं करने पर कार्रवाई प्रक्रियाधीन है।

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