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देश के 18 राज्यों में फैला कोरोना का नया स्ट्रेन, अब तक 194 मामले आए सामने

नई दिल्ली — देश के 18 राज्यों में कोरोना का नया स्ट्रेन फैल गया है। ये स्ट्रेन यूके, साउथ अफ्रीका और ब्राजील से आए हैं। इसके अब तक 194 मामले सामने आ चुके हैं। केंद्र सरकार ने देश में बढ़ते मामलों को देखते हुए इन सभी 18 राज्यों की निगरानी शुरू कर दी है। नेशनल सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल ने इन राज्यों से नए स्ट्रेन से जुड़े मरीजों की जानकारी और उनके संपर्क में आने वाले लोगों के बारे में पूछा है।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि इन 194 लोगों में से 187 लोगों में यूके का वैरिएंट मिला है। छह साउथ अफ्रीकन और एक ब्राजीलियन स्ट्रेन है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने इन राज्यों को इंटरनेशनल पैसेंजर्स की मॉनिटरिंग बढ़ाने को भी कहा है। इनमें महाराष्ट्र, केरल, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, असम, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, पंजाब जैसे राज्य शामिल हैं। देशभर में अगले दो दिन यानी 27 और 28 फरवरी को वैक्सीनेशन पर रोक लगी रहेगी।

यह जानकारी शुक्रवार को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने दी। बताया कि इन दो दिनों में को-वीन मोबाइल ऐप को आम लोगों के लिए अपडेट किया जाएगा। इसी मोबाइल ऐप के जरिए आम लोग वैक्सीनेशन के लिए अपना रजिस्ट्रेशन करा सकेंगे। अभी तक इस ऐप के जरिए केवल हेल्थ केयर और फ्रंट लाइन वर्कर्स का रजिस्ट्रेशन हो रहा था। इस ऐप पर वैक्सीन लगवाने वाले सभी लोगों का पूरा डेटा मौजूद होता है।

ऐप के जरिए लोगों को सर्टिफिकेट भी दिया जा रहा हैं। देश में कोरोना वैक्सीनेशन का दूसरा फेज पहली मार्च से शुरू होगा। 10 हजार सरकारी केंद्रों और 20 हजार निजी अस्पतालों में टीका लगाया जाएगा। इसमें 45 साल से ऊपर बीमार लोगों और 60 साल से ऊपर के सभी लोगों का वैक्सीनेशन होगा। अगर इस एज ग्रुप के लोग सरकारी केंद्रों में जाते हैं तो उनके लिए टीका मुफ्त होगा, लेकिन निजी अस्पतालों में इसके लिए उन्हें पैसा देना होगा।

देश में अब तक 1.30 करोड़ लोगों को वैक्सीन का डोज दिया जा चुका है। गुरुवार को देश में 16 हजार 562 लोग कोरोना संक्रमित पाए गए। 12 हजार 203 लोग रिकवर हुए और 118 की मौत हो गई। अब तक एक करोड़ 10 लाख 63 हजार से ज्यादा लोग संक्रमण की चपेट में आ चुके हैं। इनमें एक करोड़ 7 लाख 48 हजार से ज्यादा लोग ठीक हो चुके हैं। एक लाख 56 हजार 861 मरीज ऐसे हैं जिनकी मौत हो गई। एक लाख 52 हजार 849 मरीजों का अभी इलाज चल रहा है।

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