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विपक्ष का आरोप, डीएमएफ समितियों में विधायकों की अनुसंशा पर नहीं होते कार्य

मुख्यमंत्री ने कहा गाइडलाइ्रन के अनुसार हितग्राही मूलक योजनाओं की स्वीकृति

रायपुर। डीएमएफ समितियों में जन प्रतिनिधियों की अनुसंशा पर ध्यान नहीं दिए जाने का आरोप भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने लगाया। उन्होंने कहा कि स्वशासी समिति की अनुसंशा पर कार्यों की स्वीकृति दी जाती है लेकिन जन प्रतिनिधियों की अनुसंशा पर ध्यान नहीं दिया जाता। उन्होंने धमतरी जिले की डीएमएफ समिति में अब तक दनके एक भी कार्य स्वीकृत नहीं होने के आरोप लगाए। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आरोपों पर कहा कि गाइडलाइ्रन के अनुसार हितग्राही मूलक योजनाओं को विधायकों की अनुसंशा पर स्वीकृति मिलती है।

भाजपा विधायक कृष्णमूर्ति बांधी ने मस्तूरी क्षेत्र में खनिज न्यास निधि से आवंटित राशि की जानकारी मांगी है। सवाल में कहा कि विभागों को किस-किस कार्य के लिए कितनी राशि आवंटित की गई है। कार्य एजेंसी किसे बनाया गया है। कितने हितग्राहियों को लाभान्वित किया गया है।

जवाब में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा 9269, कृषि विभाग द्वारा 1135, उद्यानिकी विभाग द्वारा 3077 हितग्राहियों को लाभांन्वित किया गया है। इसके बाद कृष्णमूर्ति बांधी ने मस्तुरी में डीएमएफ  की बैठकों में जनप्रतिनिधियों की अनुसंशा के आधार पर कार्य स्वीकृत नहीं करने का आरापे लगाया। उन्होंने पातेलेश्वर में एक जर्जर छात्रावास और सीएससी में एक्स-रे मशीन के सुधार के लिए राशि स्वीकृत नहीं करने का आरोप लगाया। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार आने के बाद डीएमएफ की समितियों में जनप्रतिनिधियों को सदस्य बनाया। जिले के प्रभारी मंत्री इसके अध्यख और कलेक्टर सदस्य सचिव होते हैं। राशि खर्च करने के लिए गाइडलाइन तय की गई है। उसी के अनुरूप समितियों से राशि अर्जित की जाती है। हमने समिति में विधायकों के साथ सरपंचों को भी रखा है। हितग्राही मूलक योजनाओं को स्वीकृति देते हैं। डीएमएफ की स्वीकृति स्वशासी समिति के द्वारा ही की जाती है। इस पर भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने सवाल उठाते हुए कहा कि जन प्रतिनिधियों की अनुसंशा पर ध्यान नहीं दिया जाता। धमतरी जिले में दो साल में मेरे किसी भी प्रस्ताव को स्वीकृति नहीं दी गई है। मुख्यमंत्री ने इस पर कहा कि गाइडलाइ्रन के अनुसार हितग्राही मूलक योजनाओं को विधायकों की अनुसंशा पर स्वीकृति मिलती है।

दिवंगत विधायकों को श्रद्धांजलि

सत्र की कार्रवाई शुरू होते ही विधानसभा अध्यक्ष डॉ. चरणदास महंत ने चार पूर्व विधायकों ओमप्रकाश राठिया, डॉ. भानुप्रताप गुप्ता, लक्ष्मण राम और रोशनलाल के निधन की जानकारी दी। इन नेताओं का निधन शीतकालीन सत्र और बजट सत्र के बीच हुआ है। विधानसभा अध्यक्ष ने चारो दिवंगत नेताओं का जीवन और कृतित्व की जानकारी दी। उसके बाद मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक, जनता कांग्रेस के नेता धरमजीत सिंह, बसपा विधायक दल के नेता केशव चंद्रा, भाजपा विधायक पुन्नूलाल मोहले, शिवरतन शर्मा ने दिवंगत नेताओं के साथ अपनी अनुभवों की स्मृति साझा की। करीब आधे घंटे तक चर्चा के बाद विधायकों ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत नेताओं को श्रद्धांजलि दी। उसके तुरंत बाद सदन की कार्यवाही पांच मिनट के लिए स्थगित कर दी गई। पांच मिनट बाद सदन की कार्यवाही शुरू हुई तो विधायकों ने सरकार से अपने क्षेत्रों से जुड़े सवाल पूछे गए।

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