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मोदी बोले, परिवर्तनकारी हो सकते हैं कृषि कानून, लागू होने के बाद भी हो सकते हैं बदलाव

तीन कृषि कानून के खिलाफ आंदोलन के लगातार विस्तार के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक बार फिर कानून की पैरवी की है, कहा – ये कानून परिवर्तनकारी हो सकते हैं, लागू होने के बाद भी इनमें बदलाव हो सकता है। उन्होंने एमएसपी लागू रहने और कभी न खत्म होने का भरोसा दिलाते हुए विपक्ष को आड़े हाथों लिया  वह किसानों को भ्रमित कर रहा है, पर बड़ा सवाल ये है कि 12 दाैर असफल वार्ताओं े बाद भी सरकार  किसानों का भ्रम क्यों दूर नहीं कर पाई,। महज एक फोन काॅल की दूरी,  किसानों के लिए बिछायी गई कीलें तो आड़े नहीं आ पाईं। दूसरी ओर किसान 2 अक्टूबर तक आंदोलन करने की बात कह रहे हैं तो संभव है। लेकिन क्या कानून लागू करने पर डटी सरकार आंदोलन जारी रहने देना चाहेगी … पढ़िए पूरी खबर 

ई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) ने राज्य सभा (Rajya Sabha) में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर जवाब देते हुए केंद्र के नए कृषि कानूनों (New Farm Laws) और किसान आंदोलन (Farmers Protest) की आड़ में राजनीति कर रहे विपक्ष को करारा दवाब दिया. उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के एक बयान का जिक्र करते हुए कहा कि आज विपक्ष कृषि रिफॉर्म्स पर यू टर्न क्यों ले रहा है? प्रधानमंत्री ने साफ कहा कि कुछ लोग नए कृषि कानूनों पर भ्रम फैलाने की कोशिश कर रहे हैं. उन्होंने कहा, कानून को लेकर किसानों की हर शंका का समाधान किया जाएगा. किसानों की बड़ी मांग पर स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा, ‘MSP को कोई खत्म नहीं कर सकता.  MSP था, MSP है और MSP रहेगा.’ 

आंदोलन समाप्त करने की अपील

पीएम मोदी ने कहा, किसानों और सरकार के बीच बातचीत के रास्ते कतई बंद नहीं हुए हैं. कृषि मंत्री लगातार किसानों के संपर्क में हैं. उन्होंने किसानों को संदेश देते हुए कहा, नए कृषि कानून देश में बड़ा परिवर्तन लाने वाले साबित होंगे. उन्होंने कहा कि कानून लागू होने का मतलब यह कतई नहीं है कि बाद में कोई परिवर्तन नहीं हो सकता. भविष्य में भी कहीं कोई कमी नजर आए तो उसे सुधारा जाएगा. साथ ही किसानों की मंडी व्यवस्था मांग पर प्रधानमंत्री ने कहा कि यह और बेहतर होगी और MSP को कतई खत्म नहीं किया जा रहा. साथ ही किसानों से आंदोलन समाप्त करने की अपील की.

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