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Pm Modi In Kolkata : नेताजी सैनिकों के साथ अंडमान पहुंचे और तिरंगा फहरा दिया…वे ‘अखंड भारत’ की पहली सरकार के पहले प्रमुख थे, नेताजी को लेकर और क्या बोले पीएम मोदी

इंटरनेट डेस्क। कोलकाता में नेताजी सुभाष चंद्र बोस की 125वीं जयंती पर पीएम मोदी ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि हिंदुस्तान का एक-एक व्यक्ति नेताजी का ऋणी है। 130 करोड़ से ज्यादा भारतीयों के शरीर में बहती रक्त की एक-एक बूंद नेताजी सुभाष की ऋणी है। आज हर भारतीय अपने दिल पर हाथ रखे, नेताजी सुभाष को महसूस करे, तो उसे फिर ये सवाल सुनाई देगा। क्या मेरा एक काम कर सकते हो? ये काम, ये काज, ये लक्ष्य आज भारत को आत्मनिर्भर बनाने का है। देश का जन-जन, देश का हर क्षेत्र, देश का हर व्यक्ति इससे जुड़ा है।

 

Netaji reached Andaman & unfurled the Tricolour with his own soldiers. The declaration which he’d made was the first govt of ‘Akhand Bharat’ He was the first head of the Azad Hind govt: Prime Minister Narendra Modi https://t.co/kdd2CBn9Bf
— ANI (@ANI) January 23, 2021

पीएम मोदी के भाषण के मुख्य अंश

एएनआई न्यूज एजेंसी के अनुसार, पीएम मोदी ने कहा कि नेताजी अपने सैनिकों के साथ अंडमान पहुंचे और साथ में तिरंगे को फहराया। उन्होंने जो घोषणा की वह ‘अखंड भारत’ की पहली सरकार थी। वह आजाद हिंद सरकार के पहले प्रमुख थे।

– पीएम मोदी ने कहा कि विश्व युद्ध के माहौल में देशों के बीच पल-पल बदलते रिश्तों के बीच क्यों वो हर देश में जाकर भारत के लिए समर्थन मांग रहे थे? ताकि भारत आजाद हो सके, हम और आप आजाद भारत में सांस ले सकें।


– उन्होंने पूरे देश से हर जाति, पंथ, हर क्षेत्र के लोगों को देश का सैनिक बनाया। पीएम मोदी ने कहा कि आज जब इस वर्ष देश अपनी आजादी के 75 वर्ष में प्रवेश करने वाला है, जब देश आत्मनिर्भर भारत के संकल्प के साथ आगे बढ़ रहा है, तब नेताजी का जीवन, उनका हर कार्य, उनका हर फैसला, हम सभी के लिए बहुत बड़ी प्रेरणा है।

– पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि  उनके जैसे फौलादी इरादों वाले व्यक्तित्व के लिए असंभव कुछ नहीं था। उन्होंने विदेश में जाकर देश से बाहर रहने वाले भारतीयों की चेतना को झकझोरा।


– मैं नेता जी की 125वीं जयंती पर कृतज्ञ राष्ट्र की ओर से उन्हें नमन करता हूं। मैं आज बालक सुभाष को नेताजी बनाने वाली, उनके जीवन को तप, त्याग और तितिक्षा से गढ़ने वाली बंगाल की इस पुण्यभूमि को भी नमन करता हूं।

 

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