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भाजपा का प्रदर्शन, नितिन-रमन सहित कार्यकर्ताओं ने दी गिरफ्तारी

विशाल जन समूह ने बघेल सरकार की नींद उड़ा दी है : नितिन नबीन
भूपेश वादा पूरा करें नहीं तो सवाल पूछे जाएंगे: डाॅ. रमन सिंह

रायपुर। भारतीय जनता पार्टी छत्तीसगढ़ ने शुक्रवार को प्रदेशभर में किसान विरोधी भूपेश बघेल सरकार के खिलाफ धरना प्रदर्शन एवं कलेक्ट्रेट का घेराव किया। भारतीय जनता पार्टी प्रदेश के सभी जिलों में छत्तीसगढ़ की किसान विरोधी भूपेश बघेल सरकार के खिलाफ, सरकार की किसान विरोधी नीतियों, धान खरीदी में विलंब व अव्यवस्था, रकबा कटौती, बारदाने की कमी का बहाना, 9 हजार करोड़ का हिसाब मांगने एवं किसानों को उनकी उपज का भुगतान करने, राजीव गांधी न्याय योजना के नाम पर किसानों को छलना व ठगना बंद करने सहित प्रदेश भर में किसान आत्महत्या के लगातार बढ़ते मामलों के विरोध में भाजपा ने प्रदर्शन किया जिसमें लाखों की संख्या में किसान व भाजपा कार्यकर्ताओं ने किसान विरोधी भूपेश बघेल सरकार के खिलाफ हल्ला बोला।

राजधानी रायपुर में हजारों की संख्या में भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता और किसान भाई धरना स्थल बुढ़ा तालाब में दोपहर 1 बजे एकत्रित हुए और किसान विरोधी, किसानों का अहित करने वाली, किसानों को छलने व लगातार ठगने वाली छत्तीसगढ़ की कांग्रेस सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। राजधानी के बुढ़ातालाब स्थित धरना स्थल में विशाल जन सैलाब प्रदेश सरकार की किसान विरोधी नीतियों के खिलाफ आक्रोशित दिखा। इस जन सैलाब में किसान बैलगाड़ी और ट्रैक्टर से रैली के रूप में प्रदेश सरकार का विरोध करने हजारों की संख्या में पहुंचे वहीं परम्परिक वेशभूषा के साथ-साथ कृषि उपकरण हल हाथ में लिए भूपेश सरकार की किसान विरोधी नीतियों को किसान चुनौती देते हुए दिखे। प्रदर्शन के दौरान बारदाने का बहाना बनाकर धान खरीदी व अपने जिम्मेदारियों से भागने वाली छत्तीसगढ़ सरकार के खिलाफ बारदाना पहनकर भाजपा कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया।

धरना स्थल पर हजारों की संख्या में उपस्थित विशाल जन समूह के बीच भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश सह प्रभारी नितिन नबीन, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री डाॅ. रमन सिंह, प्रदेश संगठन महामंत्री पवन साय, पूर्व कृषि मंत्री व विधायक बृजमोहन अग्रवाल, चन्द्रशेखर साहू, राजेश मूणत, जिलाध्यक्ष श्रीचंद सुन्दरानी, अभिनेष कश्यप, देवजी भाई पटेल, नंदे साहू, सच्चिदानंद उपासने, संजय श्रीवास्तव, नवीन मार्कण्डेय, सुभाष राव, छगन मूंदड़ा, राजीव अग्रवाल, भाजयुमो प्रदेश अध्यक्ष अमित साहू सहित भाजपा कार्यकर्ता व पदाधिकारी उपस्थित रहे।

भाजपा प्रदेश सह प्रभारी नितिन नबीन ने धरना प्रदर्शन में एकत्रित विशाल जन समूह को संबोधित करते हुए कहा कि हम सभी भूपेश बघेल सरकार को नींद से जगाने एकत्रित हुए थे परन्तु इस विशाल जन समूह ने बघेल सरकार की निंद उड़ा दी है। भाजपा जब सड़क पर उतरी है तो प्रदेश सरकार के मंत्री सफाई देते फिर रहे हैं। उन्होंने कहा कि भूपेश सरकार ने प्रदेश के किसानों के पीठ में छुरा घोपने का काम किया हैं। बारदाने का बहाना बनाने वाली भूपेश सरकार के लिए छत्तीसगढ़ी में एक कहावत है जो इस सरकार की किसाना विरोधी नीतियों को देखते हुए कही गई है कि खाय बर होरा नइ हे अउ धान खरीदे बर बोरा नइ ए। उन्होंने कहा कि मंडी टैक्स बढ़ाने वाली भूपेश सरकार को 9 हजार करोड़ का हिसाब देना होगा। भारतीय जनता पार्टी आज कलेक्ट्रेट का घेराव कर रही है परन्तु यदि भूपेश सरकार की किसान विरोधी नीतियां बंद नहीं हुई तो हम आने वाले समय में उनका घर से निकलना मुश्किल कर देंगे। छत्तीसगढ़ में सरकार की लचर व्यवस्था के चलते जो चावल खराब हुआ है जो धान सड़ गए है उसका जवाब और हिसाब कौन देगा यह मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को बताना चाहिए? उन्होंने कहा कि ये तो अपने ही पार्टी के नेता के नाम पर योजना चलाते है और राजीव गांधी न्याय योजना में अन्याय व बंदरबाट करते हैं। छत्तीसगढ़ सरकार में बैठे लोग कहते है कि किसान खुशहाल है उन्हें बताना चाहिए कि 255 किसानों ने आत्महत्या क्यों कर ली? क्यों मुख्यमंत्री के घर के बाहर किसान आत्महत्या करने मजबूर है? भाजपा प्रदेश सह प्रभारी नितिन नबीन ने कहा कि छत्तीसगढ़ से किसान विरोधी भूपेश बघेल सरकार को उखाड़ फेंकने के संकल्प के साथ आज हमने इस प्रदर्शन के माध्यम से आगाज किया है और 2023 में हम कांग्रेस को उखाड़ फेंकेंगे।

भाजपा राष्ट्रीय उपाध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री डाॅ. रमन सिंह ने विशाल जन समूह को संबोधित करते हुए कहा कि हम सभी आज प्रदेश सरकार की किसान विरोधी नीतियों के खिलाफ गिरफ्तारी देने आए हैं। प्रदेश सरकार को बहानेबाजी छोड़कर अपने जिम्मेदारियों से भागने के बजाय अपनी किसान विरोधी नीतियों पर अंकुश लगाते हुए बारदाने की पर्याप्त व्यवस्था करनी चाहिए, धान खरीदी की मियाद बढ़ाये सरकार, किसानों को तीन दिन के अंदर धान का भुगतान करें, रकबा कटौती बंद कर काटे गए रकबे को जोड़े, दो साल का धान का बोनस दे सरकार, वनाधिकार पट्टा प्राप्त वनवासियों का धान खरीदी करें और धान खरीदी में अव्यवस्था के कारण आत्महत्या करने वाले किसान के परिवारों को 25 लाख रुपए की सहायता राशि दें सरकार।

पूर्व मुख्यमंत्री डाॅ. रमन सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से हम बोरे की व्यवस्था करने को कहते है तो वे कहते है रमन सिंह जाने, मोदी जी जाने अरे भूपेश जी आप काहे के लिए हो? आप क्या कर रहे हो? उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से सवाल करने पर उनकी किसान विरोधी नीतियों को उजागर करने पर वे हम पर सवाल उठाते हैं। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल जी 15 साल के भाजपा के कार्यकाल में शून्य प्रतिशत ब्याज दर पर किसानों को ऋण देने का काम हुआ, एक रुपए किलों में चावल, 5 लाख पम्प किसानों तक पहुंचा, आज आपकी किसान विरोधी नीतियों के चलते छत्तीसगढ़ के किसान भाई परेशान है। किसान आत्महत्या कर रहे हैं और आप अपनी जिम्मेदारियों से भाग रहे है। उन्होंने कहा कि भूपेश सरकार श्वेत पत्र जारी करें ताकि किसानों के आत्महत्या का कारण सामने आए। पूर्व मुख्यमंत्री डाॅ. रमन सिंह ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को चुनौती देते हुए कहा कि भूपेश वादा पूरा करें नहीं तो सवाल पूछे जाएंगे। बेराजगारी भत्ता नहीं दिया युवकों में आक्रोश हैं, सवाल पूछे जाएंगे। शराबबंदी का वादा पूरा करों नहीं तो सवाल पूछे जाएंगे। किसानों को फसल का नुकसान का मुआवजा नहीं मिला तो सवाल पूछे जाएंगे। उन्होंने कहा कि दम है कितना दमन में तेरे देखी है और देखेंगे, कितनी लंबी जेल कचहरी देखी है और देखेंगे सवाल करेंगे जवाब देना होगा।

पूर्व मंत्री व विधायक बृजमोहन अग्रवाल ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार की लचर व्यवस्थाओं और नीतियों के चलते प्रदेश का किसान परेशान है। धान खरीदी से लेकर बारदाने की व्यवस्था तक कर पाने में प्रदेश सरकार पूर्ण रूप से विफल है। यह केवल बहाना बनाने वाली और जिम्मेदारियों से भागने वाली सरकार है। प्रदेश में किसान आत्महत्या कर रहे है और दुर्भाग्यजनक तो यह है कि यह सरकार किसान परिवार पर लांछन लगा रही है।

पूर्व मंत्री राजेश मूणत ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि आज इस विशाल जन समूह को देखकर छत्तीसगढ़ की किसान विरोधी कांग्रेस की सरकार को घबराहट हो रही है। भय सता रहा है। हर मोर्चे पर विफल हो चुकी सरकार के पास बहानेबाजी करने और अपने जिम्मेदारियों से भागने, मुंह छिपाने के अलावा कोई काम नहीं रह गया है।

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