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वाहनों में अब जीपीएस सिस्टम अनिवार्य

रायपुर। मंत्री मोहम्मद अकबर ने अपने निवास कार्यालय में पत्रकार वार्ता का आयोजन किया। इस वार्ता में प्रदेश के यात्री बसों में सुरक्षात्मक दृष्टि से लगाए जाने वाले जीपीएस के संबंध में चर्चा हुई।

पत्रकारों को संबोधित करते हुए मंत्री अकबर ने कहा कि सभी सार्वजनिक व सेवा यानों में जीपीएस सिस्टम को अनिवार्य कर दिया गया है। 1 जनवरी 2019 के बाद से यह सिस्टम सभी वाहनों में लगा हुआ आ रहा है। बाकी पुराने वाहन जो 2019 के पहले के है उनमे भी यह सिस्टम लगाया जाना है, उपकरण का खर्च वाहन मालिकों को वहन करना होगा। इसके कंट्रोल एंड कमांड सेंटर के लिए 1540 करोड़ रूपए की योजना बनाई गई है। इस योजना के तहत पहली किश्त भी जारी हो गई है। जल्द ही जीपीएस सिस्टम को ट्रैक करने की लिए कमांड एंड कंट्रोल सेंटर की स्थापना की जाएगी। इसके लिए चिप्स की सहायता ली जायेगी।

इसके आलावा अब शहर यात्री वाहनों, बसों और टैक्सियों में पैनिक बटन लगाए जाएंगे। रायपुर में अब महिलाओं को मुसीबत के वक्त बस एक बटन दबाना होगा और उनको तुरंत मदद मिल जाएगी। इसके लिए किसी को अपना मोबाइल फोन भी इस्तेमाल नहीं करना पड़ेगा। यह बटन सीधे एकीकृत कमांड सेन्टर से जुड़ा रहेगा। महिलाओं को किसी भी प्रकार का खतरा होने पर बटन दबाते ही मैसेट कमांड सेंटर पहुंचेगा और वहां से पुलिस को तत्काल सूचना पहुंच जाएगी। इससे महिलाओं को समय पर मदद मिल सकेगी। इसके लिए यात्री वाहन में लगा जीपीएस ट्रैकर महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। जैसी मदद से पुलिस उक्त वाहन की सटीक लोकेशन को ट्रेस कर सकेगी। इस परियोजना के लिए बजट का इंतजाम निर्भया फंड से किया जाएगा। पैनिक बटन के लिए छत्तीसगढ़ से पहले मध्य प्रदेश और राजस्थान में पहले ही यह पहल शुरू हो गई है। राजस्थान में तो नए वाहनों के पंजीयन के लिए पैनिक बटन अनिवार्य कर दिया गया है। यात्रा के दौरान अगर किसी प्रकार की संकट की स्थिति हो तो इसे दबाते ही पुलिस तक सूचना पहुंचेगी। वाहनों में यह उस स्थान पर लगेगा जहां पर यात्री का हाथ आसानी से पहुंच सके। देर रात में भी यात्री सुरक्षित सफर कर सकें। कई बार उन्हें रात में यात्रा करने में भय रहता है।(वीएनएस)

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