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PM मोदी ने छत्तीसगढ़ में किए गए कार्यों को सराहा

रायपुर. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रधानमंत्री प्रगति पोर्टल के अंतर्गत कोरोना से संबंधित मुद्दे (वित्तीय सहायता, अस्पताल का ढांचा, राशन तथा रोजगार आदि), प्रधान मंत्री आवास योजना (ग्रामीण), प्रधानमंत्री आत्मनिर्भर भारत के अंतर्गत स्वनिधी योजना, निर्यात के रूप में जिले का विकास तथा आपरेशनाइ एग्रीकल्चर रिफार्म के संबंध में सभी राज्यों के मुख्य सचिवों के साथ वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से चर्चा की गई।

प्रधानमंत्री को मुख्य सचिव आर.पी. मण्डल द्वारा बताया गया कि कोरोना संबंधी सीपी ग्राम पोर्टल में कुल 1028 शिकायतें प्राप्त हुई थी, जिसमें से शत प्रतिशत (1027) शिकायतों का निराकरण छत्तीसगढ़ में कर दिया गया है। छत्तीसगढ़ श्रम विभाग द्वारा 12.57 करोड़ रूपए का वितरण कुल 18087 श्रमिकों को कोरोना के दौरान किए जाने की जानकारी दी गई। कोरोना के इलाज के लिए सभी निजी अस्पतालों के लिए दिशा-निर्देश का निर्धारण समय पर राज्य सरकार द्वारा किये जाने के बारे में अवगत कराया गया। मुख्य सचिव ने कहा कि प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के अंतर्गत अनाज एवं चने का वितरण कोरोना के दौरान शत प्रतिशत पूरे राज्य में कर दिया गया था। इस दौरान 29.35 लाख लोगों को मनरेगा के माध्यम से कोरोना के दौरान रोजगार से लाभान्वित किया गया। मुख्य सचिव द्वारा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को अवगत कराया गया कि, प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत सीपी ग्राम पोर्टल में प्राप्त शिकायतों का शत प्रतिशत निराकरण छत्तीसगढ़ में किया गया है। मुख्य सचिव ने बताया कि प्रधानमंत्री आत्मनिर्भर भारत स्वनिधी योजना के अंतर्गत छत्तीसगढ़ की रैंकिंग पूरे देश में 7वें स्थान पर रही है तथा कुल 50 हजार 753 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 15 हजार 076 प्रकरणों में राशि का वितरण सभी हितग्राहियों को डिजिटल माध्यम से किया जा चुका है। इस पर प्रधानमंत्री ने राज्य की प्रशंसा की। मुख्य सचिव ने बताया कि निर्यात हब के रूप में जिले का विकास अंतर्गत प्रदेश के सभी जिलों में डिस्ट्रिक्ट एक्सपोर्ट हब प्रमोशन कमेटी का गठन कर दिया गया है तथा 31 दिसम्बर 2020 तक डिस्ट्रिक्ट एक्शन प्लान को भी स्वीकार कर लिया जाएगा। आपरेशनाइजेशन एग्रीकल्चर रिफार्म के संबंध में मुख्य सचिव द्वारा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को जानकारी दी गई कि एआईएफ के लिए नोडल ऑफिसर नियुक्त कर दिया गया है तथा एफपीओ एवं एसएचजी को भी एआईएफ में शामिल करने के लिए योजना बनाई जा रही है।

मुख्य सचिव ने बताया कि स्लरी पाईपलाईन स्थापना हेतु 83.831 हेक्टेयर व्यपवर्तन प्रस्ताव के संबंध में राज्य शासन द्वारा समय-सीमा में कार्यवाही पूर्ण कर ली गई है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने छत्तीसगढ़ राज्य द्वारा की गई कार्यवाही की तारीफ करते हुए धन्यवाद दिया।

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