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‘छत्तीसगढ़िया सबले बढ़िया’ का जो नारा सुना था, वाकई में वो चरितार्थ हो रहा है : राज्यपाल

रायपुर. राज्यपाल अनुसुईया उइके की वर्चुअल उपस्थिति में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर आज आयोजित राज्योत्सव अलंकरण सम्मान समारोह में 30 विभूतियों एवं 03 संस्थानों को उनकी विशिष्ट उपलब्धियों तथा उल्लेखनीय कार्याें के लिए छत्तीसगढ़ राज्य अलंकरण से विभूषित किया। राज्य अलंकरण समारोह रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय परिसर में आयोजित हुआ। राज्य अलंकरण सम्मान समाज सेवा, शिक्षा, चिकित्सा आदि सहित 24 क्षेत्रों में उल्लेखनीय उपलब्धियों एवं विशिष्ट कार्याें के लिए प्रदान किए गए। दीप प्रज्जवलन के बाद राज गीत अरपा पैरी के धार…. के गायन के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ।

राज्यपाल अनुसुईया उइके ने छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित राज्य अलंकरण सम्मान समारोह को वर्चुअल संबोधित करते हुए कहा कि ‘छत्तीसगढ़िया सबले बढ़िया’ का जो नारा सुना था, वाकई में वो चरितार्थ हो रहा है। राज्य गठन के बाद के इन वर्षों में आज छत्तीसगढ़ राज्य अपने पैरों पर खड़ा हो गया है। यहां के लोगों में आत्मविश्वास जागा है और इसी विश्वास के बलबूते छत्तीसगढ़वासियों का देश ही नहीं, देश के बाहर भी परचम लहरा रहा है। उन्होंने कहा कि आज राज्योत्सव के अवसर पर मुझे यह कहते हुए बहुत प्रसन्नता और गर्व की अनुभूति हो रही है कि परमात्मा और प्रकृति ने छत्तीसगढ़ को जो वरदान दिए हैं, छत्तीसगढ़वासी उन वरदानों को सहेजने और उनसे अपना जीवन संवारने में सफल हुए हैं। राज्यपाल ने समस्त छत्तीसगढ़वासियों को राज्य स्थापना दिवस की हार्दिक बधाई दी। उन्होंने मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल को बधाई देते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में छत्तीसगढ़ निरंतर प्रगति कर रहा है।

राज्यपाल ने समारोह में सम्मानित होने वाले प्रबुद्धजनों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़वासियों के दिल में इतना प्यार समाया है कि जो भी उनसे मिलता है, उनका ही होकर रह जाता है। छत्तीसगढ़िया बड़े सरल और सौम्य हैं। आज मुझे छत्तीसगढ़ के राज्यपाल का दायित्व ग्रहण किए करीब सवा साल हो रहे हैं, इस अल्प समय में छत्तीसगढ़वासियों ने मुझे इतना जल्दी आत्मसात कर लिया कि मुझे ऐसा लगता है कि मैं उनके ही परिवार की सदस्य हूं। सुश्री उइके ने छत्तीसगढ़ राज्य के निर्माण के लिए पूर्व प्रधानमंत्री  अटल बिहारी वाजपेयी का स्मरण किया और राज्य निर्माण के संघर्ष में अपना बहुमुल्य योगदान देने वाले महापुरूषों को नमन भी किया।

राज्यपाल ने राजनांदगांव जिले के ग्राम सुकुलदैहान निवासी श्रीमती फूलबासन यादव का उद्धरण भी दिया। उन्होंने कहा कि इन वर्षों में आधारभूत संरचना बेहतर होने के कारण कनेक्टिविटी अच्छी हुई, जिसके कारण विकास की गति में तेजी आई है और छत्तीसगढ़ में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध हुई है। साथ ही शासन के प्रयासों के कारण ग्रामीण अर्थव्यवस्था में मजबूती आई है।

सुश्री उइके ने राज्य के आदिवासी कलाकारों के हुनर की सराहना करते हुए कहा कि उनके बनाए कलाकृति का सौंदर्य अभूतपूर्व है, जिनकी मांग विदेशों में भी हो रही है। उन्होंने कहा कि हमारे वन उत्पादों को खरीदने के लिए एक सुदृढ़ व्यवस्था बनाई है तथा एक अच्छा समर्थन मूल्य भी देने में सफल हुए हैं, जिसके कारण आदिवासियों को अच्छी आय भी हो रही है।

राज्यपाल ने कोरोना काल की चर्चा करते हुए कहा कि इस बीमारी का छत्तीसगढ़वासियों ने हिम्मत से सामना किया। उन्होंने इसके लिए समस्त कोरोना वारियर्स की सराहना की। सुश्री उइके ने कहा कि कोरोना काल में प्रवासी श्रमिकों और ग्रामीण क्षेत्रों में ग्रामीणों के लिए विभिन्न योजनाओं के माध्यम से रोजगार की व्यवस्था की गई, जिससे यहां की अर्थव्यवस्था बेहतर रही।

    राज्यपाल ने प्रदेश के नागरिकों की सहजता, कर्मठता और ईमानदारी की भावना को रूपांकित करते हुए कहा कि इसके बल पर हम अपने संसाधनों का बेहतर उपयोग कर देश के विकसित राज्यों में शामिल होंगे और पूरे विश्व में स्थान बनाएंगे। उन्होंने प्रसिद्ध साहित्यकार हरि ठाकुर की पंक्तियां दोहराते हुए छत्तीसगढ़ की माटी को माथे का चंदन भी बताया।

    मुख्यमंत्री  भूपेश बघेल ने ‘राज्य अलंकरण सम्मान समारोह‘ में प्रदेशवासियों को राज्य स्थापना दिवस की बधाई और शुभकामनाएं देते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ हर पैमाने पर देश का अग्रणी राज्य है। राज्य सरकार सभी क्षेत्रों में बेहतर कार्य करने का प्रयास कर रही है। राज्य सरकार ने ‘छत्तीसगढ़िया सबले बढ़िया‘ की कहावत को चरितार्थ करने का प्रयास किया है। नई सरकार बनने के बाद जब राज्य सरकार ने तीजा, कर्मा जयंती, विश्व आदिवासी दिवस और छठ पर्व की छुट्टी दी तो प्रदेशवासियों को पहली बार महसूस हुआ कि उनका छत्तीसगढ़ राज्य बना है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वामी आत्मानंद ने शिक्षा के प्रचार-प्रसार के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया था। उनकी स्मृति में राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर स्वामी आत्मानंद इंग्लिश मीडियम स्कूल योजना प्रारंभ की गई है। जिसके तहत 52 इंग्लिश मीडियम स्कूल प्रारंभ किए जा रहे हैं। अगले साल से हर विकासखण्ड मुख्यालय में इंग्लिश मीडियम स्कूल संचालित किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि ‘मुख्यमंत्री शहरी स्लम स्वास्थ्य योजना‘ का नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों तक तथा मुख्यमंत्री हाट बाजार क्लीनिक योजना का भी विस्तार किया जाएगा।

    मुख्यमंत्री श्री बघेल ने नई सरकार द्वारा किए गए कार्याें की जानकारी देते हुए कहा कि राज्य सरकार ने ईमानदारी से किसानों को बोनस दिया। राजीव गांधी किसान न्याय योजना के अंतर्गत किसानों को दी जाने वाली 5700 करोड़ रूपए की राशि में से 4500 करोड़ रूपए की राशि किसानों के खाते में अंतरित कर दी गई है। कोरोना की विपरीत परिस्थितियों में जब दूसरे राज्यो के अधिकारियों-कर्मचारियों के वेतन में कटौती हो रही थी, हमने छत्तीसगढ़ के अधिकारियों-कर्मचारियों के वेतन में कटौती नहीं करने का फैसला लिया। राज्य सरकार ने गोबर की खरीदी के लिए गोधन न्याय योजना शुरू की। जिसका लाभ पशुपालकों और किसानों के साथ भूमिहीन लोगों को भी मिल रहा है, जिनके पास कुछ पशु हैं। राज्य सरकार ने लघु वनोपजों की खरीदी की बेहतर व्यवस्था की। तेंदूपत्ता संग्रहण दर बढ़ाकर 4000 हजार रूपए प्रति मानक बोरा की। राज्य सरकार की योजनाओं से किसानों, गरीबों और मजदूरों की जेब में पैसा गया, जिसके कारण छत्तीसगढ़ में मंदी का असर नहीं हुआ।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार की नीतियों के कारण जब पूरे देश में जीएसटी कलेक्शन में गिरावट आई, तब पिछले सितम्बर माह में छत्तीसगढ़ में जीएसटी का कलेक्शन 24 प्रतिशत बढ़ा। अक्टूबर माह में भी राष्ट्रीय औसत से ज्यादा जीएसटी का कलेक्शन हुआ। देश के 110 आकांक्षी जिलों में छत्तीसगढ़ का बीजापुर जिला पूरे देश में अव्वल है। स्वच्छता के मामले में भी छत्तीसगढ़ पहले नंबर पर है। लॉकडाउन के दौरान छत्तीसगढ़ लौटे लगभग 7 लाख मजदूरों के रहने, भोजन, दवाईयों की सबसे अच्छी व्यवस्था छत्तीसगढ़ ने की। राज्य सरकार के योजनाओं से छत्तीसगढ़ में बेरोजगारी की दर मात्र दो प्रतिशत रही। वन अधिकार पट्टों के वितरण में भी छत्तीसगढ़ देश का अग्रणी राज्य है। छत्तीसगढ में 1300 सामुदायिक वन अधिकार पट्टों का वितरण कर वनवासियों को 5 लाख 50 हजार हेक्टेयर जमीन का वन अधिकार दिया गया। पहली बार जंगलों में नरूवा विकास योजना के तहत नालों के आधुनिक तरीकों से वाटर रिचार्जिंग का काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने राम वन गमन पथ विकसित करने की योजना पर काम शुरू किया है। उन्होंने कहा कि भगवान राम ने वनवास के दौरान सबसे ज्यादा समय छत्तीसगढ़ में गुजारा था। हम सांस्कृतिक रूप से भगवान राम से जुड़े हैं। राज्य सरकार अपनी धरोहर को संजोने का काम कर रही है।    

    मुख्यमंत्री ने राज्य स्थापना दिवस पर गुरू बाबा घासीदास, संत कबीर, महाप्रभु वल्लभाचार्य, माता कौशल्या, अमर शहीद गैंद सिंह, शहीद वीरनारायण सिंह, वीर गुण्ड़ाधुर, झीरम घाटी के शहीदों सहित छत्तीसगढ़ के प्रथम स्वप्नदृष्टा डॉक्टर खूबचंद बघेल, पंडित सुन्दरलाल शर्मा, ठाकुर प्यारे लाल सिंह, ठाकुर रामकृष्ण सिंह सहित महान विभूतियों को स्मरण करते हुए उन्हें नमन किया। मुख्यमंत्री ने राज्य स्थापना दिवस पर पूर्व प्रधानमंत्री  अटल बिहारी वाजपेयी और नेता प्रतिपक्ष लोकसभा श्रीमती सोनिया गांधी का आभार व्यक्त किया।

    राज्य अलंकरण समारोह में मुख्यमंत्री ने जनसम्पर्क विभाग द्वारा प्रकाशित ‘‘छत्तीसगढ़ विचार माला’’ का विमोचन, शासकीय प्रकाशनों के संग्रह के वेबपोर्टल का शुभारंभ किया गया। मुख्यमंत्री ने समारोह में पांच नवनिर्मित टूरिज्म रिसार्ट का लोकार्पण और राम वन गमन पथ टूरिज्म सर्किट का शिलान्यास, फोर्टिफाईड राइस वितरण योजना का शुभारंभ, बूढ़ातालाब, रायपुर के सौन्दर्यीकरण कार्य का लोकार्पण और बीजापुर में 132/33 के.व्ही. विद्युत उपकेन्द्र और 87.5 कि.मी. 132 के.व्ही. बारसूर-बीजापुर लाइन का लोकार्पण भी किया।

    विधानसभा अध्यक्ष डॉ. चरणदास महंत ने प्रदेशवासियों को सम्बोधित करते हुए कहा कि नई राज्य सरकार ने अपने कार्याें से छत्तीसगढ़, छत्तीसगढ़ी और छत्तीसगढ़िया का सम्मान बढ़ाया है। राज्य सरकार ने किसानों को नया रास्ता बनाने, कमाई के नए संसाधन विकसित करने के साथ छत्तीसगढ़ की अस्मिता और गौरव को बढ़ाया है। उन्होंने प्रदेशवासियों को राज्य स्थापना दिवस की बधाई और शुभकामनाएं दी। नेता प्रतिपक्ष  धरमलाल कौशिक ने कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए सभी को राज्य स्थापना दिवस की बधाई दी। संस्कृति मंत्री  अमरजीत भगत ने प्रदेशवासियों को बधाई और शुभकामनाएं देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री के मार्ग-दर्शन में प्रदेश को विकास की नई दिशा देने का प्रयास किया गया है। उन्होंने नरूवा, गरूवा, घुरवा, बाड़ी योजना, सौर सुजला योजना, राजीव गांधी किसान न्याय योजना, किसान कर्ज माफी योजना, गोधन न्याय योजना जैसी योजनाओं का उल्लेख किया।

    इस अवसर पर कृषि मंत्री  रविन्द्र चौबे, गृह मंत्री  ताम्रध्वज साहू, केबिनेट मंत्री मोहम्मद अकबर, डॉ. प्रेमसाय सिंह, डॉ. शिव कुमार डहरिया, अमरजीत भगत, कवासी लखमा, श्रीमती अनिला भेंड़िया, गुरू रूद्र कुमार,  उमेश पटेल, राज्यसभा सांसद श्रीमती छाया वर्मा, श्रीमती फूलोदेवी नेताम, वरिष्ठ विधायक  सत्यनारायण शर्मा सहित अनेक विधायक, निगम मण्डलों के अध्यक्ष अनेक जनप्रतिनिधि मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार  रूचिर गर्ग, मुख्यसचिव  आर.पी. मंडल सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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