दिल्ली में प्रदर्शन पर कार्रवाई, CJP के 2 नेता जेल भेजे गए; तीसरा रिहा

नई दिल्ली। दिल्ली के जंतर-मंतर पर बिना अनुमति प्रदर्शन करने के मामले में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के कार्यकर्ता सौरव दास और आशुतोष रांका को पांच दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। वहीं, इसी मामले में हिरासत में लिए गए अजिंक्य शिंदे को रिहा कर दिया गया है। दिल्ली पुलिस ने मंगलवार सुबह जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के लिए प्रतिबंध के बावजूद पहुंचने के आरोप में तीनों के खिलाफ कार्रवाई की थी।
मंगलवार सुबह हिरासत में लिए गए थे कार्यकर्ता
मंगलवार को जंतर-मंतर पर बिना अनुमति प्रवेश कर प्रदर्शन करने के आरोप में दिल्ली पुलिस ने सौरव दास और आशुतोष रांका को हिरासत में लिया था। बाद में दोनों को गिरफ्तार किया गया। अजिंक्य शिंदे को भी हिरासत में लिया गया था, लेकिन अब उन्हें रिहा कर दिया गया है।
CJP की कानूनी मामलों की प्रमुख रत्ना सिंह ने बुधवार सुबह सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर बताया था कि सौरव दास, आशुतोष रांका और अजिंक्य शिंदे को मंदिर मार्ग पुलिस स्टेशन में संबंधित अधिकारी के सामने पेश किया जा सकता है। उन्होंने कहा था कि हिरासत से जुड़े 24 घंटे की समयसीमा जल्द पूरी होने वाली है।
रत्ना सिंह ने दिल्ली पुलिस पर लगाए आरोप
रत्ना सिंह ने दिल्ली पुलिस पर मनमानी करने और ऊपर से मिले आदेशों के अनुसार काम करने का आरोप लगाया। उनका कहना था कि पुलिस कानून को दरकिनार कर रही है।
रत्ना सिंह ने यह भी आरोप लगाया कि हिरासत में लिए गए कार्यकर्ताओं को करीब 24 घंटे तक वकीलों से मिलने नहीं दिया गया। उनके मुताबिक, शुरुआत में हिरासत या गिरफ्तारी के आधार भी नहीं बताए गए थे।
उन्होंने शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों को रोके जाने पर सवाल उठाए और कहा कि अपराधी शहर में घूम रहे हैं, जबकि प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।
CJP कार्यकर्ताओं को छोड़ने की मांग कर रही थी पार्टी
कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिए जाने के बाद से ही CJP की ओर से उन्हें रिहा करने की मांग की जा रही थी। पार्टी की ओर से पुलिस की कार्रवाई और हिरासत की प्रक्रिया पर सवाल उठाए गए।
फिलहाल, सौरव दास और आशुतोष रांका को पांच दिन की न्यायिक हिरासत में भेजे जाने की जानकारी सामने आई है, जबकि अजिंक्य शिंदे रिहा हो चुके हैं। पुलिस की कार्रवाई पर रत्ना सिंह के आरोप पार्टी का पक्ष हैं।



