दीनदयाल पोर्ट ने रचा इतिहास, ट्रांसशिपमेंट में 12.7 MT का आंकड़ा

नई दिल्ली। गुजरात के कच्छ में स्थित दीनदयाल बंदरगाह प्राधिकरण (डीपीए), कांडला ने नया कीर्तिमान रचा है। डीपीए ने शिप-टू-शिप ट्रांसशिपमेंट में 12.7 मिलियन टन का सर्वकालिक उच्च आंकड़ा पार कर एक नया ऐतिहासिक रिकॉर्ड बनाया है।
दीनदयाल पोर्ट अथॉरिटी ने शनिवार को जारी एक बयान में बताया कि यह सफलता एक सितंबर, 2026 तक के संचालन में हासिल की गई है, जो कि शिप-टू-शिप ऑपरेशन्स के इतिहास में अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा है। यह इसके ऑपरेशनल सफर में एक और अहम उपलब्धि है।
डीपीए कांडला ने एक्स पर जारी पोस्ट में इस उपलब्धि की घोषणा करते हुए कहा कि यह उपलब्धि बंदरगाह की बढ़ती समुद्री क्षमताओं, कुशल कामकाज और देश के लॉजिस्टिक्स इकोसिस्टम को बेहतर बनाने तथा बंदरगाह-आधारित विकास को बढ़ावा देने में इसकी अहम भूमिका को दर्शाती है।
यह उपलब्धि कांडला बंदरगाह की उच्च परिचालन दक्षता, आधुनिक समुद्री बुनियादी ढांचे और तेजी से बढ़ते व्यापारिक भरोसे को दर्शाती है।
शिप-टू-शिप ऑपरेशंस में उल्लेखनीय वृद्धि: लॉजिस्टिक्स लागत घटाने में मददगारशिप-टू-शिप (एसटीएस) ट्रांसशिपमेंट प्रक्रिया के तहत गहरे समुद्र में बड़े जहाजों (मदर वेसल्स) से छोटे जहाजों (डॉटर वेसल्स) पर माल का सीधे स्थानांतरण किया जाता है।
आंकड़ों के अनुसार डीपीए कांडला पोर्ट ने 70.03एमएमटी कार्गो हैंडल किया है और यह उपलब्धि हासिल करने वाला भारत का सबसे तेज प्रमुख पोर्ट बन गया।
ये उपलब्धि पिछले फाइनेंशियल ईयर के मुकाबले 32 दिन पहले हासिल की गई, साथ ही इसमें साल-दर-साल 23.02 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई।
इससे पहले, 27 जुलाई को डीपीए कांडला ने एक दिन में सबसे ज़्यादा 7,83,816 मीट्रिक टन कार्गो हैंडल करके एक और रिकॉर्ड बनाया; इसने 17 जून को बनाए गए अपने पिछले 7,78,570 मीट्रिक टन के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया।
दीनदयाल पोर्ट प्रशासन ने जारी एक बयान में कहा कि लगातार कार्गो हैंडलिंग क्षमता में विस्तार, डिजिटलाइजेशन और सुरक्षित समुद्री प्रक्रियाओं को लागू करने के चलते ये नया रिकॉर्ड संभव हुआ है।
अधिकारियों के अनुसार चालू वित्त वर्ष 2026-27 के शेष महीनों में ट्रांसशिपमेंट के आंकड़ों में और अधिक वृद्धि की उम्मीद है, जो ‘मैरीटाइम इंडिया विजन’ और बंदरगाह-आधारित आर्थिक विकास को नई मजबूती देगा।



