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Subhash Chandra Insolvency Case: 22 हजार करोड़ के दावे पर 6.5

नई दिल्ली। मीडिया कारोबारी सुभाष चंद्रा के व्यक्तिगत दिवालियापन मामले में प्रस्तावित 6.5 करोड़ रुपये की रीपेमेंट योजना पर एक बार फिर पेंच फंस गया है। सोमवार को NCLT की पीठ ने मामले को नए सिरे से सुनवाई के लिए ट्रिब्यूनल चेयरपर्सन के पास भेज दिया। वजह यह है कि 22,000 करोड़ रुपये से अधिक के अप्रूव्ड क्लेम के मुकाबले प्रस्तावित भुगतान योजना पर बहुमत की राय नहीं बन सकी। इस योजना में करीब 99.97 फीसदी का हेयरकट बनता है।

22 हजार करोड़ से ज्यादा के दावे, भुगतान सिर्फ 6.5 करोड़

बिजनेस टुडे में प्रकाशित PTI की रिपोर्ट के मुताबिक, सुभाष चंद्रा के व्यक्तिगत दिवालियापन समाधान मामले में करीब 22,006.57 करोड़ रुपये के लेनदारों के दावों के मुकाबले 6.5 करोड़ रुपये के भुगतान की योजना रखी गई थी।

इस योजना में लेनदारों के दावों की तुलना में करीब 99.97 फीसदी की कटौती यानी हेयरकट प्रस्तावित है। इसी मुद्दे को लेकर असंतुष्ट लेंडर्स ने NCLAT का रुख किया था।

तीसरे सदस्य के पास गया था मामला

इससे पहले रीपेमेंट प्लान पर NCLT के न्यायिक सदस्य अशोक कुमार भारद्वाज और तकनीकी सदस्य रीना सिन्हा पुरी की दो सदस्यीय पीठ ने फैसला दिया था। दोनों सदस्यों की राय अलग होने के बाद मामला तीसरे सदस्य के पास भेजा गया।

बीते 26 अगस्त को तीसरे सदस्य ने कुल देनदारी के मुकाबले 6.5 करोड़ रुपये की रीपेमेंट योजना का समर्थन किया था। इसके बाद असंतुष्ट लेनदारों ने इस आदेश को चुनौती देते हुए अपीलीय ट्रिब्यूनल NCLAT का रुख किया।

बहुमत की राय नहीं बनी तो फिर चेयरपर्सन के पास पहुंचा मामला

सोमवार को अशोक कुमार भारद्वाज और रीना सिन्हा पुरी की पीठ ने कहा कि तीसरे सदस्य की अलग राय के बाद मामले पर दोबारा विचार किए जाने के बावजूद बहुमत की राय नहीं बन सकी।

इसी वजह से मामला अब NCLT चेयरपर्सन के पास वापस भेज दिया गया है। वहां इस मामले की नए सिरे से सुनवाई होगी।

क्या है पूरा मामला?

सुभाष चंद्रा के व्यक्तिगत दिवालियापन समाधान प्रक्रिया में लेनदारों ने करीब 22,006.57 करोड़ रुपये के दावे किए हैं। इसके मुकाबले 6.5 करोड़ रुपये के भुगतान की योजना को लेकर विवाद है।

इस योजना को मंजूरी देने वाले तीसरे सदस्य के आदेश से असंतुष्ट लेंडर्स ने NCLAT में याचिका दाखिल की थी। अब बहुमत की राय नहीं बनने के बाद मामले की आगे की सुनवाई NCLT चेयरपर्सन के स्तर पर होगी।

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