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अर्णब को हर केस में करानी होगी अलग -अलग जमानत

सभी एफआईआर पर सुप्रीम कोर्ट की रोक
गिरफ्तारी नहीं, लेकिन जमानत कराना होगा

रायपुर(realtimes) पालघर लिंचिग मामले में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के खिलाफ अनावश्यक टीका टिप्पणी करके विवाद में फंसे टीवी पत्रकार अर्णब गोस्वामी की मुश्किलों का दाैर लगता है अब शुरु हो गया है। उनके खिलाफ छत्तीसगढ़ में ही करीब डेढ़ साै आपाराधिक मामले दर्ज किए हैं, राजस्थान,महाराष्ट्र समेत अन्य राज्यों में भी अलग-अलग एफआईआर दर्ज की गई हैं। कानून के जानकारों का मानना है कि गोस्वामी को अब हर मामले में अलग-अलग जमानत करवानी होगी। भले की उनकी किसी भी केस में गिरफ्तारी हो या नहीं।

रायपुर के सिविल लाइंस थानें में आरोपी अर्णब के खिलाफ दर्ज एक मामले में पुलिस ने उन्हें नोटिस जारी किया है। धारा 91 सीआरपीसी के तहत जारी नोटिस में कहा गया है कि उनके खिलाफ धारा 188 के तहत अपराध दर्ज है, इस संबंध में पूछताछ किया जाना है। पूछताछ के लिए 5 मई को सुबह 11 बजे थाने में हाजिर होने कहा गया है। गोस्वामी ने रिपब्लिक भारत चैनल पर 21 अप्रैल को सोनिया गांधी के संबंध में खबर प्रसारित की थी। इसी संबंध में पूछताछ की जानी है।

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सुप्रीम कोर्ट ने ये सुनाया फैसला

उच्च पदस्थ सूत्रों के अनुसार मामलों को लेकर अर्णब ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका पेश की है। याचिका की सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने गोस्वामी के खिलाफ दर्ज सभी एफआईआर पर होनी वाली कार्यवाही पर रोक लगाने कहा है। लेकिन साथ ही यह भी कहा है कि महाराष्ट्र में दर्ज एफआईआर पर कार्यवाही जारी रहेगी। लेकिन बाकी सभी जगहों पर जहां एफआईआर है वहां से उन्हें जमानत करवानी होगी। अन्य सभी स्थानों में कहीं भी उनकी गिरफ्तारी नहीं हो सकेगी। हालांकि अभी सुप्रीम कोर्ट के आदेश की प्रतिलिपि नहीं मिली है। लेकिन छत्तीसगढ़ में भी इस पूरे मामले पर नजर रखी जा रही है।

कानून के जानकार सूत्रों का कहना है कि ये संभव है कि अर्णब को उनके खिलाफ दर्ज हर मामले में जमानत लेने जाना होगा। यह भी उल्लेखनीय है कि कुछ वर्ष पूर्व छत्तीसगढ़ में तत्कालीन सरकार के खिलाफ एक प्रमुख टीवी चैनल ने इसी प्रकार आपत्तिजनक समाचार का प्रकाशन किया था। उस समय चैनल के मालिक के खिलाफ प्रदेश भर के कई थानों में एफआईआर करवाई गई थी। चैनल के मालिक के सामने जब हर मामले में संबंधित पुलिस थाने,कोर्ट से जमानत करवाने की नाैबत आई तो उन्होंने तत्कालीन मुख्यमंत्री से माफी मांग कर केस का निपटारा करवाया था। फिलहाल यही नौबत अर्नब गोस्वामी के मामले में बनती दिख रही है।

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