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जिस ‘एप’ से राहुल गांधी ने की ‘प्रेस कांफ्रेंस’ केंद्र ने उसे बताया ‘खतरनाक’

नई दिल्ली (Realtimes) इस लॉकडाउन में लोग एक दूसरे से जुड़ने के लिए वीडियो कॉलिग ऐप जूम का भरपूर इस्तेमाल कर रहे हैं कई दफ्तरों में भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के लिए इस ऐप का इस्तेमाल किया जा रहा है. वहीं बुधवार को राहुल गांधी ने भी इसी जूम ऐप के जरिए, मीडिया बात की थी, लेकिन अब इस एप को लेकर सरकार ने एडवाइजरी जारी कर लोगों को चेताया है कि यह ‘सुरक्षित नहीं है.

क्या है एडवाइरी में ?

जूम मीटिंग एप वीडियो कांफ्रेंस के लिए सुरक्षित प्लेटफार्म नहीं है. सरकार ने इस बाबत गाइडलाइन जारी की हैं. जो उपयोगकर्ता जूम एप का इस्तेमाल निजी कार्यों के लिए करते हैं उनके लिए गाइडलाइंस जारी की गई हैं.

बता दें कि लॉकडाउन के दौरान लोग इस एप का काफी ज्यादा इस्तेमाल कर रहे हैं. गृह मंत्रालय ने एक नई एडवाइजरी जारी कर कहा कि किसी भी व्यक्ति के लिए जूम एप एक सुरक्षित प्लेटफार्म नहीं है.

गाइडलाइन की मदद से किसी गैर अधिकृत व्यक्ति का कॉन्फ्रेंस में हस्तक्षेप और अवांछित गतिविधि को रोका जा सकेगा. गाइडलान का पालन किया जाए तो उपयोगकर्ताओं के अलावा कोई दूसरा व्यक्ति उनकी गतिविधि को प्रभावित नहीं कर सकता है. पासवर्ड और यूजर एक्सेस के जरिए डीओएस अटैक को भी रोका जा सकता है.

गृह मंत्रालय की गाइडलाइंस के मुताबिक ज्यादातर सेटिंग लॉगिन करके की जा सकती है या फिर अपने लैपटॉप फोन में एप्लीकेशन डाउनलोड करके की जा सकती है. कांफ्रेंस के दौरान भी यह बदलाव किए जा सकते हैं. हालांकि कुछ सेटिंग एक खास चैनल पर ही की जा सकती है.

गृह मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि जूम एप से निजता की सुरक्षा को लेकर कई सवाल उठे हैं. टिक टॉक और जूम के ज्यादातर सरवर चीन में हैं और इनमें कुछ कमजोरियां हैं.  तकनीकी विश्लेषण कहता है कि इस वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग ऐप से मीटिंग का डाटा लीक हो सकता है.

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