खाद्य सुरक्षा पदधिकारी ने कई होटलों का किया औचक निरीक्षण

खूंटी। उपायुक्त के निर्देश पर राजकुमारी फाउंडेशन द्वारा संचालित कुपोषित बच्चों को दिये जानेवाले आहार की गुणवत्ता एवं पौष्टिकता की जांच के लिए कर्रा की सीडीपीओ और जिला खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी ने शनिवार को कर्रा प्रखंड की डुमरगड़ी पंचायत के बिरदा गांव में औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण में किचन परिसर की साफ-सफाई की जांच की गई। किचन में पकाई जा रही खिचड़ी की भी जांच की गई, जो संतोषजनक पाई गई। जांच के लिए सूजी का हलवा, सोयाबीन बड़ी और खिचड़ी का नमूना लिया गया। राजकुमारी फाउंडेशन द्वारा जांच के दौरान फूड लाइसेंस नहीं दिखाया गया। कर्मी के पास ग्लव्स आदि नहीं पाये गये, जिसे तुरंत मंगा कर प्रयोग करने का निर्देश दिया गया। रक्षाबंधन को देखते हुए कर्रा चौक स्थित शिव होटल से लड्डू और रसगुल्ला का नमूना जांच कें लिए लिया गया। बाद में खूंटी शहर स्थित कई होटालों की भी जांच की गई और नमूना लिया गया। बताया गया जांच रिपोर्ट के अनुसार जीएसएस खाद्य सुरक्षा मानक अधिनियम 2006 के अंतर्गत कार्रवाई की जाएगी। इसमें सजा एवं जुर्माना का प्रावधान है। सभी मिठाई विक्रेता को निर्देश दिया गया अपनी दुकान के काउंटर पर फूड लाइसेंस, मैन्युफैक्चरिंग डेट, एक्सपायरी डेट, इनग्रेडिएंट लिस्ट, मैन्युफैक्चरर एड्रेस आदि लिखा हुआ फूड की ही बिक्री करें। यदि निरीक्षण में उपरोक्त बातें लिखी हुई नहीं पाई जाती है, तो उनका सामान जब्त कर नष्ट कर दिया जाएगा।



