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कोरोना संक्रमण पर बोले कुरैशी, जनवरी में ही बंद किया जाना था अन्तराष्ट्रीय हवाई अड्डा

भिलाई(realtimes) छत्तीसगढ के पूर्व मंत्री बदरुद्दीन कुरैशी (Badruddin Qureshi)ने कहा है कि कोरोना संक्रामक महामारी से बचने के लिए जनवरी में अन्तराष्ट्रीय हवाई अड्डा बंद हो जाना था. ऐसा न करके आज देश के करोड़ो लोग परेशान ही नही बल्की ऊहापोह की जिंदगी जी रहे हैं.  

श्री कुरैशी ने कहा कि कोरोना वायरस 30 जनवरी को पहला केस आया था, उसी समय हिन्दुस्तान के अन्तराष्ट्रीय हवाई अड्डे को बंद कर दिया जाता तो दो महीने के अन्दर देश में लगभग 3 लाख विदेशी आये और गये. आज भी सेन्ट्रल इन्टेलिजेन्सी रक्षा विदेश गृह मंत्रालय के पास रिकार्ड है, लेकिन किसी ने इस पर ध्यान नही दिया. उस वक्त केवल राजनैतिक स्वार्थ नजर आ रहा था.

1 फरवरी से लेकर 24 फरवरी तक ट्रम्प की तैयारी, 24 फरवरी से लेकर 26 फरवरी तक दिल्ली में दंगे, 4 मार्च को कोरोना पर अधिकारीयों की पहली बैठक, 9 मार्च से हवाई अड्डो पर स्क्रीन टेस्ट शुरु हुआ 10 मार्च से मध्यप्रदेश के भाजपा विधायको को कर्नाटक भेजा गया. 15-16 मार्च को पुरी भाजपा मध्यप्रदेश में  कांग्रेस की सरकार को गिराने मे लगी रही. 16 मार्च को कोरोना को लेकर मोदी कि सार्क देशो के साथ वीडियो मींटिग और भारतीय जनता पार्टी को संबोधित किया.

उन्होंने कहा कि दो दिन पहले 22 मार्च को ही 25 मार्च से लाकडाउन करने का घोेषणा कर दिया होता तो, दो दिन के अन्दर देश का हर व्यक्ति अपनी हर चीजों कि व्यवस्था कर लेता. श्रमिक, मजदुर,अपनी व्यवस्था से घर चले जाते. इस प्रकार 25 से 14 अप्रेल तक लाकडाउन से आज जो परेशानियाँ आ रही है वह परेशानियां नही आती. श्री कुरैशी ने कहा कि दुनिया के हर व्यक्ति को अपने जान कि पहली फिकर है, लेकिन कोई भी कदम उठाने के पहले केंन्द्र और राज्य सरकारांे की नैतिक जिम्मेदरी है, कि हमारे देश कि जनता को किसी प्रकार की परेशानी ना हो इसका ध्याान दें।

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