6 माह में उखड़ी 114 करोड़ की सड़क , लापरवाही बरतने पर एसडीओ, सब इंजीनियर सस्पेंड,

2 अफसरों को नोटिस , करोड़ों का भ्रष्टाचार उजागर, एसडीओ आरएन दुबे भी लपेटे में
चोटिया-चिरमिरी मार्ग निर्माण में भारी धांधली
कोरबा/बिलासपुर, एजेंसी। कोरबा जिले के चोटिया-चिरमिरी मार्ग पर 23 किलोमीटर की सड़क निर्माण में लापरवाही बरतने वाले एसडीओ एसपी साहू और सब इंजीनियर को सस्पेंड कर दिया गया है। वहीं कार्यपालन अभियंता और अतिरिक्त कार्यपालन अभियंता को शोकॉज नोटिस जारी किया गया है। डिप्टी सीएम अरुण साव ने ये एक्शन लिया है। कांग्रेस कार्यकाल में साल 2018 में बनी सड़क 6 महीने में उखड़कर जर्जर हो गई है। इसकी जांच कराने पर पता चला कि डामरीकरण की मोटाई औसतन कम करने और काम की डेंसिटी (घनत्व) भी कम पाई गई। मामले में दोषी पाए जाने पर अफसरों पर कार्रवाई की गई है।
बिना जांच ठेकेदार को जारी की गई राशि
लोक निर्माण विभाग की ओर से बिलासपुर, रायगढ़, जांजगीर-चांपा, कोरिया, सरगुजा, सूरजपुर से लगे सड़क मार्ग में सुधार के लिए एस्टीमेट बनाकर शासन को भेजा गया था। साल 2018-19 में कोरबा के चोटिया-चिरमिरी के बीच नई सड़क के लिए राशि जारी की गई थी। सड़क बनकर तैयार भी हो गई और अफसरों ने बिना निरीक्षण के ही ठेकेदार को राशि जारी कर दी।
स्थानीय भाजपा नेताओं ने की शिकायत
स्थानीय भाजपा नेताओं ने नवनिर्मित सड़क की जर्जर हालत में सुधार की मांग को लेकर चक्काजाम किया था, जिसके बाद उन्होंने विभागीय मंत्री और डिप्टी सीएम अरुण साव से शिकायत की थी। 15 दिनों के भीतर सड़क को दुरुस्त करने का आश्वासन दिया गया, लेकिन जब डिप्टी सीएम ने जानकारी ली, तब पता चला कि पिछली सरकार के कार्यकाल में करोड़ों रुपए की लागत से सड़क बनाई गई थी ।
इन अफसरों ने बरती लापरवाही
जांच के बाद सड़क निर्माण में लापरवाही और अपने अधिकारों का दुरुपयोग करने के लिए कटघोरा के अनुभाविभागीय अधिकारी एसपी साहू और उप अभियंता राकेश वर्मा को दोषी पाया गया है, जिसके कारण उन्हें निलंबित कर दिया गया है। इसी तरह लापरवाही में सहभागी एसडीओ और प्रभारी अतिरिक्त कार्यपालन अभियंता आर एन दुबे के साथ ही तत्कालीन कार्यपालन अभियंता एके वर्मा को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। गुणवत्ताहीन सड़क निर्माण कर करोड़ों का भ्रष्टाचार उजागर
उप मुख्यमंत्री एवं लोकनिर्माण मंत्री अरूण साव ने शिकायत का संज्ञान लेते हुए जांच करायी। 23 किमी की इस सड़क को अधिकारियों की मिलीभगत से ठेकेदार ने गुणवत्ताहीन निर्माण कर करोड़ों का भ्रष्टाचार किया गया। इस तरह के भ्रष्टाचार के मामले में भाजपा का सुशासन दिखा और दोषी अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की गई है। सूत्र बताते हैं कि ठेकेदार पर भी बड़ी कार्रवाई हो सकती है और ब्लैक लिस्टेड की कार्रवाई की जा सकती है।



