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छत्तीसगढ़ में पहली बार पराली जलाने वाले 57 किसानों से 2.25 लाख रूपए अर्थदण्ड की वसूली

रायपुर (realtimes) राज्य में प्रदूषण को नियंत्रित करने के उद्देश्य से किसानों को फसल अवशेष नहीं जलाने की सलाह दी गई है। साथ ही फसल अवशेष के रूप में खेतों में पड़े पैरा को गोठान में दान स्वरूप देने के भी सलाह किसानों को दी गई है। राज्य में यह पहला अवसर है जब फसल का अवशेष(पराली) जलाने के मामले में किसानों पर अर्थदंड़ लगाया गया है।

गरियाबंद जिले में फसल अवशेष जलाने की घटना पर 57 किसानों से दो लाख 25 हजार रूपए अर्थदण्ड वसूल की गई है। यह कार्रवाई राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण के प्रावधानों के तहत की गई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार कलेक्टर श्री श्याम धावड़े के निर्देश पर अनुविभागीय अधिकारी, राजस्व गरियाबंद द्वारा फसल अवशेष जलाने की घटनाओं की सूचना मिलने पर अनुविभाग के 57 किसानों के विरूद्ध प्रकरण दर्ज की गई। किसानों को समुचित सुनवाई का अवसर दिए जाने के उपरांत फसल अवशेष जलाने के दोषी पाए जाने पर प्रदूषण निवारण और नियंत्रण अधिनियम-1981 के उपबंधों और एन.जी.टी. के प्रावधानों के तहत दो लाख 25 हजार रूपए अर्थदण्ड आरोपित कर अर्थदण्ड की राशि वसूल की गई है।

मिली जानकारी के अनुसार इस प्रकार के 20 प्रकरण न्यायालय अनुविभागीय दण्डाधिकारी गरियाबंद में विचाराधीन है। उक्त प्रकरणों पर भी शीघ्र निराकरण कर अर्थदण्ड की राशि वसूल की जायेगी। 

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