
रायपुर. अपने राज्य छत्तीसगढ़ में इस साल दीपावली के समय होने वाले विधानसभा चुनाव का असर मिठाई के कारोबार पर पड़ गया है। चुनाव के कारण करीब 30 फीसदी कारोबार कम हाे गया है। राजधानी रायपुर के साथ पूरे प्रदेश में दीपावली पर 50 से 60 करोड़ का कारोबार हो जाता है, लेकिन इस बार कारोबार 20 करोड़ कम हाेकर 50 करोड़ से भी कम होने की संभावना है। ग्राहकों काे जरूर इस बात की राहत है कि दीपावली में इस बार मिठाइयों की कीमत में इजाफा नहीं हुआ है। पिछले साल एक तो ड्राई फ्रूट की कीमत बढ़ गई थी जिसके कारण मिठाई के दाम भी बढ़े थे, लेकिन इस बार ड्राई फ्रूट की कीमत कम है।
त्योहारी सीजन में आमतौर पर मिठाई की कीमत में कुछ न कुछ इजाफा हो जाता है, इसके पीछे का बड़ा कारण दूध की कीमत से साथ अन्य सामानों की कीमत रहती है, लेकिन इस बार त्योहार से पहले एक तो दूध की कीमत में इजाफा नहीं हुआ है, वहीं दो और फायदे यह हुए हैं, पहला खाद्य तेलों की कीमत बहुत कम हो गई है। इसी के साथ काजू कतली के साथ दूध वाली मिठाई में इस्तेमाल किए जाने वाले ड्राई फ्रूट की कीमत भी इस बार कम है। यही वजह है कि इस बार कीमत बढ़ाने का काम नहीं किया गया है।
कीमत कम न बढ़ने का कारण
दीपावली में दूध वाली मिठाइयों की डिमांड ही ज्यादा रहती है। इन मिठाइयों की कीमत इस समय होली के समय वाली ही है। जहां काजू कतली की कीमत 880 से 1000 रुपए किलो है, वहीं मिल्क केक की कीमत 540 से 580 रुपए, कलाकंद की कीमत 500 से 540, पेडा 480 से 500 रुपए, मलाई चाप के साथ छेने की मिठाई 520 से 550 रुपए किलो है। बूंदी और बेसन के लड्डू 320 रुपए किलो है। कारोबारियों का कहना है, आमतौर पर नए साल में दूध की कीमत बढ़ती है, इस बार भी जनवरी-फरवरी में दूध की कीमत में इजाफा हुआ था। इसी के साथ नए साल में खाद्य तेलों की कीमत भी बहुत ज्यादा थी। यही वजह है कि होली के पहले कीमत में 20 से 40 रुपए किलो तक का इजाफा किया गया था।
गिफ्ट आइटम की बिक्री भी कम
एक तरफ जहां मिठाई का कारोबार प्रभावित हुआ है, वहीं इस बार गिफ्ट आइटमों की भी बिक्री कम हो रही है। कारोबारियों के मुताबिक चुनाव के कारण लोग पिछले साल की तुलना में इस साल कम ही गिफ्ट खरीद रहे है। इसका कारोबार भी 25 से 30 फीसदी तक प्रभावित हो गया है।


