महंगाई की ऐसी मार, कम हो गया थोक बाजार में रोज तीन से साढ़े तीन करोड़ का व्यापार  - realtimes
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महंगाई की ऐसी मार, कम हो गया थोक बाजार में रोज तीन से साढ़े तीन करोड़ का व्यापार 

रायपुर(realtimes) महंगाई आम आदमी का पीछा छोड़ने का  नाम नहीं ले रही है। आम आदमी इतना ज्यादा परेशान हाे गया है कि उसे कुछ सूझ नहीं रहा है। आम आदमी महज सरकार काे काेसने के आलावा कुछ कर नहीं पा रहा है। आम आदमी के साथ कारोबारी भी परेशान और हैरान भी हैं। सब्जियों में महंगाई से कुछ राहत मिलने के बाद किराना सामानों में महंगाई की ऐसी मार पड़ रही है कि राजधानी के डूमरतराई में थोक कारोबार तीस फीसदी तक कम हो गया है। ऐसा होने से रोज का होने वाला 12 करोड़ का कारोबार कम होकर साढ़े आठ से नौ करोड़ पर पहुंच आ गया है। कारोबारियों ने अब स्टॉक रखना भी कम कर दिया है, क्योंकि लोग अब उतना ही सामान ले रहे हैं जितनी जरूरत है। पहले लोग एक माह से ज्यादा का सामान ले लेते थे, लेकिन अब महंगाई से घरों का बजट ही 50 फीसदी बढ़ गया है तो लोगों ने घरों में भी स्टॉक रखना कम कर दिया है। कई लोग तो एक माह के स्थान पर अब 15-15 दिनाें का सामान लेने लगे हैं।
महंगाई लंबे समय से बेलगाम हो गई है। कई सामानों के दाम जरूर कुछ कारणों से बढ़ते हैं, लेकिन ज्यादातर सामानों के दामों को अब सिंडीकेट बनाकर बढ़ाने का काम किया जा रहा है। उत्पादक अब एक-एक सामान को टारगेट करते हैं। एक सामान के दाम बढ़ाने के बाद दूसरे सामान को पकड़ते हैं। इसकी मार ग्राहकों पर लगातार पड़ रही है।
इलायची की कीमत हाे गई डबल 
मसालों की कीमत लगातार आसमान पर जा रही है। पहले जीरा ने रुलाने का काम किया, अब इलायची के दाम सातवें आसमान पर चले गए हैं। जीरा इस समय चिल्हर में 800 रुपए किलो हो गया है। थोक की जहां तक बात है तो यह सात से साढ़े सौ रुपए है। इधर इलायची ने अचानक लंबी छलांग लगाने का काम किया है। कुछ समय पहले तक जो इलायची प्रदेश के बाजार में थोक में डेढ़ हजार रुपए किलो थी, उसकी कीमत डबल हा गई है। यह 31 सौ रुपए किलो में बिक रही है। चिल्हर में इसकी कीमत चार हजार रुपए है। 40 रुपए में दस ग्राम इलायची मिल रही है। इसी के साथ हल्दी, धनिया, मिर्च, काली मिर्च, इलायचा, सौंफ, दालचीनी, लौंग, अजवाइन, मेथी, तेजपत्ता, खसखस सहित दूसरे सारे मसालों की कीमत 15 से 20 फीसदी बढ़ गई है।
देसी चना भी खाने लगा भाव 
राहर दाल की कीमत लगातार रिकॉर्ड तोड़ रही है। पहली बार यह थोक में 155 रुपए और चिल्हर में 170 रुपए हो गई है। अन्य दालों की बात करें तो चना दाल ही कीमत ही इस समय सबसे कम है। यह थोक में 70 और चिल्हर में 80 है। उड़द दाल थोक में 90 से 95 और चिल्हर में 100 से 110 रुपए है। उड़द दाल धुली थोक में 110 और चिल्हर में 120 रुपए है। मूंग दाल थोक में 100 से 110 और चिल्हर में 120 से 130 रुपए है। मसूर दाल थोक में 75 और चिल्हर में 90 रुपए किलो है। काबुली चना की कीमत बढ़ी है। थोक में यह 155 रुपए और चिल्हर में 165 से 170 रुपए बिक रहा है। देसी चना भी अब भाव खाने लगा है। इसकी कीमत में 20 रुपए का इजाफा हुआ है। थोक में यह 50 रुपए के स्थान पर 65 रुपए और चिल्हर में 55 के स्थान पर 75 से 80 रुपए हो गया है।
हर सामान महंगा
किराने से जुड़ा हर सामान महंगा हो गया है। चावल की कीमत में जहां 10 से 12 रुपए बढ़ी है, वहीं आटा भी 4 से 5 रुपए महंगा हो गया है। मैदा, बेसन, साबुन, तेल से लेकर बिस्कुट, मिक्चर और सभी सामानों की कीमत में 20 से 25 फीसदी का इजाफा हो गया है। किस सामान की कीमत कब बढ़ जाए कोई नहीं जानता है। कारोबारी भी हैरान हैं कि पहले ऐसा नहीं होता था, अचानक से ही किसी भी सामान की कीमत बढ़ा दी जाती है।

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