जाने क्या है माजरा जाे… मई के बिजली बिल में मिल रही उपभोक्ताओं काे डबल राहत

रायपुर(realtimes) अपना राज्य छत्तीसगढ़ बिजली के मामले में जहां सरप्लस है, वहीं यहां के उपभोक्ताओं काे भी बड़ी राहत मिल रही है। छत्तीसगढ़ के 61 लाख से ज्यादा बिजली उपभोक्ताओं के लिए यह साल ही राहत भरा है। अब इस चल रहे माह जून काे ही लेंगे, यह माह भी काफी राहत भरा है। एक तो वीसीए के स्थान पर लाया गया एफपीपीएएस का नया फार्मूला राहत दे रहा है, साथ ही जून में आ रहे मई के बिजली बिल में सुरक्षा निधि का ब्याज मिलने के कारण डबल राहत मिली है। गर्मी में वैसे ही बिजली बिल पसीना छुड़ाने वाला रहता है, लेकिन इस बार ऐसा नहीं है। इस बार गर्मी में राहत की बारिश हो गई है।केंद्रीय सरकार के निर्देश पर छत्तीसगढ़ राज्य बिजली नियामक आयोग ने अब उत्पादन लागत के अंतर की राशि को उपभोक्ताओं से वसूलने के लिए नया फार्मूला फ्यूल पॉवर पर्चेज एडजस्टमेंट सरचार्ज (एफपीपीएएस) लागू कर दिया है। नए फार्मूले के हिसाब से ऊर्जा प्रभार में प्रतिशत के हिसाब से शुल्क लिया जा रहा है। जून में मई का जो बिजली बिल आया है, उसमें अप्रैल के बिल पर वीसीए के स्थान पर 5.3 फीसदी एफपीपीएएस लिया जा रहा है। यह शुल्क वीसीए से काफी कम है। कम खपत करने वालों को कम और ज्यादा खपत करने वालों को थोड़ा ज्यादा शुल्क लग रहा है। घरेलू उपभोक्ताओं को चार सौ यूनिट तक एफपीपीएएस के शुल्क में वीसीए की तरह ही बिजली बिल हॉफ योजना का लाभ भी दिया जा रहा है और आधे पैसे लग रहे हैं। चार सौ यूनिट से ज्यादा में पूरे पैसे लग रहे हैं।
कम खपत पर ज्यादा राहत
नए फार्मूले में बड़ा फायदा यह हो रहा है कि इसमें वीसीए की तरह हर यूनिट पर एक ही तय शुल्क नहीं लग रहा है। पिछला वीसीए 43 पैसे था तो सभी यूनिट पर 43 पैसे लगते थे, लेकिन नए फार्मूले में पहले सौ यूनिट का ऊर्जा प्रभार 370 रुपए है तो इस पर 5.3 प्रतिशत के हिसाब से 19.61 रुपए लग रहे हैं। यानी एक यूनिट पर 20 पैसे से कम। दो सौ यूनिट का ऊर्जा प्रभार 760 रुपए है। इस पर 40.28 रुपए लग रहे हैं। यानी 20 पैसे से कुछ ज्यादा। तीन सौ यूनिट का ऊर्जा प्रभार 1290 रुपए है। इस पर 68.37 रुपए लग रहे हैं। करीब 23 पैसे प्रति यूनिट। चार सौ यूनिट का ऊर्जा प्रभार 1720 रुपए है, इस पर 91.16 रुपए लग रहे हैं। इस पर भी प्रति यूनिट 23 पैसे लग रहे हैं।
सुरक्षा निधि का ब्याज भी मिल रहा
जून में मई का माह का जो बिल आ रहा है, उसमें सुरक्षा निधि पर ब्याज भी मिल रहा है। यह ब्याज सौ रुपए से लेकर दो हजार तक है। जिनकी सुरक्षा निधि कम जमा है, उनको कम और जिनकी ज्यादा जमा है उनको ज्यादा ब्याज मिल रहा है। ऐसे में जबकि मई माह में गर्मी के कारण उपभोक्ताओं की खपत ज्यादा हुई है तो उनको ब्याज के कारण कम पैसे देने से राहत मिल रही है।



