आश्वासन नहीं समाधान, फिर आंदोलन

कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन ने अश्वासन नहीं समाधान आंदोलन का किया ऐलान
चार सूत्रीय मांगों को लेकर दो चरण में होगा प्रांतव्यापी आंदोलन
रायपुर : छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन से संबद्ध संगठनों की रविवार को राजपत्रित अधिकारी संघ के प्रांतीय कार्यालय में बैठक आयोजित किया गया l बैठक में लंबित मांगों को लेकर आगामी मार्च महीने में चरणबद्ध आंदोलन करने का निर्णय लिया गया है l जिसे आश्वासन नहीं समाधान आंदोलन का नारा दिया गया।
फेडरेशन के प्रांतीय संयोजक कमल वर्मा एवं प्रदेश प्रवक्ता चंद्रशेखर तिवारी ने बताया कि शासन स्तर पर लंबित मांगों को लेकर आगामी आंदोलन किए जाने का निर्णय लिया गया है l आंदोलन की सूचना 27 फरवरी को मंत्रालय में मुख्यमंत्री सचिवालय एवं मुख्य सचिव को सौंपा दिया गया है l बैठक में लिए गए निर्णय के अनुसार प्रथम चरण में 03 मार्च को राज्य के सभी ब्लॉक / तहसील एवं जिला मुख्यालय में धरना प्रदर्शन एवं रैली आयोजित कर कलेक्टर / एस डी एम को मुख्यमंत्री एवम् मुख्य सचिव के नाम ज्ञापन सौंपा जाएगा l द्वितीय चरण 18 मार्च 2023 को राजधानी रायपुर में प्रांत स्तरीय एक दिवसीय हड़ताल एवं रैली आयोजित किए जाने का निर्णय लिया गया है l
प्रमुख मांगे :-
(1) 14 सूत्रीय मांगों पर वेतन विसंगति के लिए गठित पिंगुआ कमेटी की रिपोर्ट तत्काल सरकार को सौंपा जाए l
(2) कर्मचारियों एवं पेंशनरों को केंद्र के समान लंबित 5% महंगाई भत्ता एवं सातवें वेतनमान के अनुरूप गृह भाड़ा भत्ता दिया जाए l
(3) कांग्रेस घोषणा पत्र अनुसार राज्य कर्मचारियों को चार स्तरीय पदोन्नत वेतनमान दिया जाए l
(4) पुराना बस स्टैंड पंडरी, रायपुर को धरना स्थल घोषित किया जाए l
बैठक में प्रमुख रूप से फेडरेशन के प्रांतीय संयोजक कमल वर्मा,प्रांतीय सलाहकार पी आर यादव, प्रांताध्यक्ष गण क्रमशः बी पी शर्मा, चंद्रशेखर तिवारी,जी आर चंद्रा, राजेश चटर्जी, मूलचंद शर्मा, पंकज पाण्डेय, सत्येंद्र देवांगन, विश्राम निर्मलकर, मनीष मिश्रा, अजय तिवारी,रितु परिहार,दिलीप झा, ओ पी पाल, रामसागर कौशले, संतोष वर्मा, उमेश मुदलियार,विजय लहरे, सत्यदेव वर्मा, संजय शर्मा,आलोक जाधव, जय साहू,सुमन देवांगन, दीप्ति सिन्हा आदि उपस्थित रहे l



