महंगाई ने अब देशी घी की कीमत में डेढ़ सौ रुपए लीटर की आग लगाई

रायपुर(realtimes) महंगाई है कि रुकने का नाम नहीं ले रही है। एक सामान की कीमत से अभी आम आदमी उबर भी नहीं पाता है कि दूसरे सामान में महंगाई की आग लग जाती है। महंगाई से पहले से परेशान आम आदमी को अब देशी घी में लगी महंगाई की आग ने भी झुलसाने का काम किया है। त्योहारी सीजन के पहले से इसके दाम बढ़ते-बढ़ते अब एक लीटर में डेढ़ सौ रुपए तक पहुंच गए हैं। कीमत बढ़ने का कारण कारोबारी जहां दूध की कीमत को बता रहे हैं, वहीं लंपी वायरस के कारण गायों के मरने से प्रभावित दूध के उत्पादन को भी बताया जा रहा है। दूध की कीमत बढ़ने का कारण चारे की कीमत को बताया जा रहा है तो एक साल में करीब 60 फीसदी बढ़ी है।
आमतौर पर देशी घी का इस्तेमाल घरों में खाद्य तेलों की तुलना में ज्यादा न होने के कारण इसकी कीमत की तरफ ध्यान नहीं जाता है, लेकिन जिस तरह से इसकी कीमत लगातार बढ़ रही है, उसने आम आदमी को परेशानी में डाला है। इस साल इसकी कीमत लगातार बढ़ रही है। ठीक त्योहारों से पहले से इसकी कीमत में इजाफा होने का जो क्रम प्रारंभ हुआ, वह लगातार चल रहा है। आगे भी इसकी कीमत में इजाफा होने संभावना जताई जा रही है।
सभी ब्रांड अब 600 के पार
यूं तो अपने प्रदेश में कई ब्रांड के देशी घी चलते हैं, लेकिन करीब आधा दर्जन ब्रांड के घी का ज्यादा उपयोग होता है। अपने राज्य का देवभोग घी भी बहुत चलता है। इसकी कीमत पहले एक लीटर की 470 रुपए थी जो अब 632 रुपए हो गई है। यानी कीमत में 162 रुपए का इजाफा हुआ हैै। हालांकि यह इजाफा एक बार में नहीं हुआ है, लेकिन कीमत जरूर ज्यादा हो गई है। इसी तरह से बाकी घी के दाम भी दो से तीन किस्तों में डेढ़ सौ रुपए तक बढ़ गए हैं। वचन का घी पहले करीब 500 सौ था जो अब 650 रुपए हो गया है। अनिक घी 520 से 670 रुपए, गोवर्धन घी 550 से 700 रुपए, धौलपुर घी 450 से 580 रुपए, गाया घी 500 से 650 रुपए और पतंजलि का घी 490 से 620 रुपए हो गया है। इसी के साथ गाय का खुला घी बाजार में जो पहले छह सौ रुपए में एक किलो मिल जाता था, वह इस समय 800 रुपए हो गया है।
दूध की कीमत चार रुपए बढ़ी
दूध की कीमत पिछले चार माह में दो बार बढ़ी है। हर ब्रांड का दूध चार रुपए लीटर बढ़ गया है। हाल ही में सभी ब्रांड ने अपने अमूल गोल्ड की तरह मक्खन निकलने वाले फैट दूध की कीमत में दो रुपए लीटर का और इजाफा किया है। घी के थोक और चिल्हर कारोबारी घी की कीमत बढ़ने का बड़ा कारण दूध की कीमत को बता रहे हैं। इसी के साथ कारोबारी बताते हैं कि लंपी वायरस के कारण देश भर में हजारों की संख्या में गायें भी मरी हैं, इससे दूध का उत्पादन भी प्रभावित हुआ है। चारे की कीमत के बारे में बताया जा रहा है कि इसमें 60 फीसदी इजाफा हुआ है। हरा चारा जो एक साल पहले 30 हजार रुपए एकड़ था वह इस समय 55 हजार रुपए एकड़ हो गया है। सरसों खली 16 सौ रुपए क्विंटल से बढ़कर 32 सौ रुपए हो गई है। इसी के साथ मजदूरी और भाड़े में भी इजाफा हुआ है।



