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महात्मा गांधी रूरल इंडस्ट्रियल पार्क से आत्म निर्भर गांव का सपना होगा साकार – भूपेश

जिले में आठ रूरल इंडस्ट्रियल पार्क का किया गया शिलान्यास
जिले के प्रत्येक विकासखंड के दो गौठान में रूरल इंडस्ट्रियल पार्क होंगे विकसित

कवर्धा(realtimes) मुख्यमंत्री भूपेश बघेल आज गांधी जयंती के अवसर पर मुख्यमंत्री निवास में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से छत्तीसगढ़ शासन की महत्वकांक्षी योजना ’महात्मा गांधी रूरल इंडस्ट्रियल पार्क योजना’ के शुभारंभ और विभिन्न जिलों में रूरल इंडस्ट्रियल पार्क के शिलान्यास कार्यक्रम में शामिल हुए। मुख्यमंत्री श्री बघेल ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी, पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय श्री लाल बहादुर शास्त्री और छत्तीसगढ़ महतारी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस दौरान कलेक्टर सभाकक्ष में आयोजित कार्यक्रम में पंडरिया विधायक ममता चंद्राकर ने कबीरधाम जिले के चार विकासखंड के 8 चयनित गौठानों में रूरल इंडस्ट्रियल पार्क (रीपा) का शिलान्यास किया। इसके अंतर्गत बोड़ला विकासखंड के चिल्फी और बांधाटोला (सुकवापारा), कवर्धा विकासखंड के दशंरगपुर और मंजगांव, पंडरिया विकासखंड के ग्राम भुवालपुर और कांपादाह और सहसपुर लोहारा विकासखंड के ग्राम सुरजपुरा जंगल और रणवीरपुर के गौठान में रूरल इंडस्ट्रियल पार्क के संचालन के लिए शिलान्यास किया गया।

मुख्यमंत्री निवास से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए आयोजित कार्यक्रम में गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू, पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री रविंद्र चौबे, वनमंत्री मोहम्मद अकबर, महिला एवं बाल विकास मंत्री अनिल भेंड़िया विशेष रूप से उपस्थित थे। कलेक्ट्रेट कार्यालय में जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती सुशीला भट्ट, कलेक्टर जनमेजय महोबे उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि महात्मा गांधी आजादी के लड़ाई के साथ-साथ आर्थिक क्षेत्र में लगातार पूरा जीवन काम किया और ग्राम को स्वावलंबी बनाने की कल्पना की। उनकी इस कल्पना को साकार करने के लिए शासन प्रतिबद्ध है और इसी दिशा में कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि गौठान का स्वरूप अब बदलने लगा है। गौठान अब रूरल इंडस्ट्रीयल पार्क के रूप में विकसित हो रहे है। रूरल इंडस्ट्रीयल पार्क महात्मा गांधी जी का सपना है, इससे आत्म निर्भर गांव की संकल्पना पूरा कर पाएंगे। मुख्यमंत्री श्री बघेल ने कहा कि राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों के चयनित गौठानों को आजीविका के केन्द्र के रूप में विकसित करने के लिए महात्मा गांधी रूरल इंडस्ट्रीयल पार्क बनाए जा रहे हैं। इन पार्कों को ग्रामीण उत्पादन एवं सेवा केन्द्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। छत्तीसगढ़ के प्रत्येक विकासखण्ड में दो रूरल इंडस्ट्रियल पार्क बनेंगे। चालू वित्तीय वर्ष के बजट में महात्मा गांधी रूरल इंडस्ट्रीयल पार्क के लिए 600 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। प्रदेश में गौठनों को रूरल इंडस्ट्रियल पार्क के रूप में विकसित किया जा रहा है। प्रथम चरण में 300 रूरल इंडस्ट्रियल पार्क विकसित किए जा रहे हैं। गौठनों में वर्मी कम्पोस्ट, मुर्गी पालन, बकरी पालन, कृषि उत्पादों और वनोपजों के प्रसंस्करण के कार्य किया जा रहे हैं। इन गतिविधियों में बड़ी संख्या में स्वसहायता समूह की महिलाओं और युवाओं को रोजगार और आय के अवसर मिल रहे हैं। प्रथम चरण में प्रत्येक विकासखण्ड में 2 रीपा स्थापित किये जाएंगे।

रूरल इंडट्रीयल पार्क का उद्देश्य ग्रामीण गरीब परिवारों के लिए आजीविका के माध्यम से अतिरिक्त आय के साधन बनाना है एवं स्थानीय परिदृष्य के अनुरूप कच्चे माल के स्त्रोत एवं मार्केटिंग विकसित करते हुए ग्रमाण जनता को बढ़ावा देना है। इस योजना के तहत ग्राम के महिला स्व-सहायता समूहों को शेड उपलब्ध कराना, रोजगार प्रारंभ करने आवश्यक उपकरण तथा भूमि व अन्य सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा। साथ ही निजी व्यवसायियों को कार्य करने के लिए भूमि उपलब्ध कराया जाएगा, जिसमें शेष व्यवस्था निजी व्यवसायियों द्वारा स्वयं किया जाएगा। कार्यक्रम में जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्रीमती पुष्पा देवी साहू, जनपद पंचायत कवर्धा अध्यक्ष श्रीमती इन्द्राणी देवी चन्द्रवंशी, जनपद पंचायत पण्डरिया अध्यक्ष श्रीमती सुमुन्द बाई कुर्रे, जिला पंचायत सदस्य रामकुमार भट्ट, कीर्तन शुक्ला, नीलू चन्द्रवंशी, होरी लाल साहू, सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।

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