Out of Control हुई राजस्थान में सियासी जंग, नहीं हुआ वन-टू-वन संपर्क, माकन बोले- विधायकों का बैठक में नहीं आना अनुशासनहीनता - realtimes
मौसम डेटा स्रोत: रायपुर मौसम
Top News

Out of Control हुई राजस्थान में सियासी जंग, नहीं हुआ वन-टू-वन संपर्क, माकन बोले- विधायकों का बैठक में नहीं आना अनुशासनहीनता

राजस्थान में सियासी ड्रामा जारी है। जहां इस्तीफा सौंपने वाले गहलोत खेमे के विधायकों ने कांग्रेस आलाकमान द्वारा भेजे गए पर्यवेक्षकों मल्लिकार्जुन खड़गे और अजय माकन के सामने कुछ शर्ते रखते हुए मुलाकात से इनकार कर दिया। इस बाबत अजय माकन ने बताया कि विधायक दल की मीटिंग बुलाई गई थी और हमलोग इंतजार करते रहे। उन्होंने कहा कि विधायकों के नहीं आने पर उनसे हमलोग लगातार वन-टू-वन संपर्क करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पहले से तय एक आधिकारिक मीटिंग का बहिष्कार करना अनुशासनहिनता की श्रेणी में आता है।

अजय माकन ने कहा कि अब यहां कोई फैसला नहीं होगा। जो रिपोर्ट होगा वो हम कांग्रेस अध्यक्षा को सौंपेंगे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस अध्यक्षा सोनिया गांधी एक-एक विधायक की बात सुनेंगीं। माकन ने बताया कि विधायकों की शर्त है कि 102 विधायक जो बगावत के समय भी पार्टी के प्रति समर्पित थे, उनमें से ही किसी को सीएम नियुक्त किया जाना चाहिए, लेकिन सचिन पायलट को नहीं बनाना चाहिए। उन्होंने कहा कि विधायक इस शर्त पर रिजोल्यूशन पास करने की बात रख रहे थे।

अजय माकन ने कहा कि इस पर हमलोगों ने फिर मना किया कि कांग्रेस के इतिहास में कभी कंडिशन लगाकर कोई रिजोल्यूशन पास नहीं हुआ है। फिलहाल हम और खड़गे जी अब दिल्ली जा रहे हैं और सभी अपडेट से कांग्रेस अध्यक्षा सोनिया गांधी को पूरे मामले से अवगत करवाएंगे।

इतना ही नहीं अजय माकन ने कहा कि पहले से तय एक आधिकारिक मीटिंग के समानांतर कोई अनाधिकृत मीटिंग बुलाना अनुशासनहिनता की श्रेणी में आता है। उन्होंने कहा कि पार्टी के विधायकों की बैठक बुलाई गई थी। इसके समानांतर में मंत्री धारीवाल के घर पर बैठक की गई। यह प्रथम दृष्टि में अनुशासनहीनता का ही काम है। आगे देखते हैं कि उन पर क्या कार्रवाई होती है।

वहीं इस मामले में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा। इस राजनीतिक संकट पर राजस्थान विधानसभा के उप नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौर ने कहा कि जब पूरे मंत्री मंडल ने त्यागपत्र दे ही दिया है, तो अकेले मुख्यमंत्री क्या करेंगे? मुख्यमंत्री को मंत्रीमंडल की आपात बैठक बुलाकर सदन को भंग करने की सिफारिश करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार अस्थिरता की ओर बढ़ चली है। राजेंद्र राठौर ने कहा कि पहली बार बहादुर विधायकों ने अपने आलाकमान को ललकारा है।

राजस्थान राजनीतिक संकट पर केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने राहुल गांधी के भारत जोड़ो यात्रा पर तंज किया। उन्होंने कहा कि ‘भारत जोड़ो’ में मनोरंजन कम हुआ अब राजस्थान में भी शुरू हो गया है। राज्य में सरकार नाम की कोई चीज नहीं है। यह पार्टी सिर्फ सत्ता का सुख भोगना चाहती हैं, जनता की सेवा नहीं करना चाहती।

Related Articles

Back to top button