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कोर टेक्नोलॉजी में अमेरिका से आगे निकलने की चीन की कोशिश

 संयुक्त राज्य अमेरिका हमेशा दुनिया में सबसे अधिक तकनीकी रूप से उन्नत देश जाना जाता है। लेकिन हाल के वर्षों में उभरती अर्थव्यवस्थाओं के तेजी से विकास ने अमेरिका के तकनीकी दबदबा को चुनौती दी है। उनमें से चीन ऐआई यानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और 5G जैसे उच्च तकनीक वाले क्षेत्रों में अमेरिका से आगे निकल गया है।

ऐआई के क्षेत्र में वैश्विक प्रतिस्पर्धा में, चीन और अमेरिका दोनों देश वर्तमान में अग्रणी स्थिति में हैं। चीन की ह्वावेई जैसी प्रौद्योगिकी कंपनियां पहले से ही 5G में संयुक्त राज्य अमेरिका से आगे हैं। चीन ने 2030 में 150 बिलियन युवान के पैमाने वाला कृत्रिम बुद्धिमत्ता उद्योग बनाने की योजना तय की है। चीन में कृत्रिम बुद्धिमत्ता और डेटाबेस में काफी प्रतिभाएँ हैं, जिसने कृत्रिम बुद्धिमत्ता के विकास के लिए लाभ पैदा किया है। अमेरिका के हार्वर्ड विश्वविद्यालय की एक रिपोर्ट के अनुसार चीन ने कई अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी क्षेत्रों में काफी प्रगति की है। रिपोर्ट में कहा गया है कि चीन ने अमेरिका को दुनिया की नंबर एक उच्च तकनीक निर्माण शक्ति के रूप में बदल दिया है। 2020 में, चीन ने 250 मिलियन कंप्यूटर, 25 मिलियन कारों और 1.5 बिलियन स्मार्टफोन का उत्पादन किया।

2020 के अंत तक, चीन में 5G उपयोगकर्ताओं की संख्या अमेरिका में 6 मिलियन की तुलना में 150 मिलियन तक पहुंच गई। चीन के पास 700,000 5G बेस स्टेशन हैं, जबकि अमेरिका के पास केवल 50,000 हैं। चीन ने 460 मेगाहर्ट्ज इंटरमीडिएट फ्रीक्वेंसी स्पेक्ट्रम खोला है, जबकि अमेरिका ने केवल 70 मेगाहर्ट्ज खोला है। चीन में 5जी नेटवर्क की औसत स्पीड 300 एमबीपीएस तक पहुंचती है, जबकि अमेरिका में सिर्फ 60 एमबीपीएस है। गौरतलब है कि दुनिया के शीर्ष 5 5G उपकरण आपूर्तिकर्ताओं में से दो चीनी कंपनियां हैं, पर अमेरिका से एक भी नहीं है। चीन ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता सिद्धांत, प्रौद्योगिकी और अनुप्रयोग को 2030 तक दुनिया के अग्रणी स्तर तक पहुँचने और दुनिया का प्रमुख कृत्रिम बुद्धिमत्ता नवाचार केंद्र बनने की योजना बनायी है।

क्वांटम सूचना विज्ञान में चीन का निवेश अमेरिका से चार गुना अधिक है। क्वांटम सूचना विज्ञान के कुछ क्षेत्रों में चीन ने अमेरिका को पीछे छोड़ दिया है – जिसमें क्वांटम कंप्यूटिंग, क्वांटम संचार और क्वांटम सेंसिंग शामिल हैं। चीन ने दुनिया के अग्रणी ज़ू चोंगज़ी सुपरकंप्यूटर को जन्म दिया, और चीनी विज्ञान और प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय द्वारा विकसित ऑप्टिकल क्वांटम कंप्यूटर कुछ गणनाओं में गूगल की तुलना में 10 अरब गुना तेज है। चीन की क्वांटम तकनीक पहले ही दुनिया के पहले स्थान पर है। चीन ने क्वांटम संचार, क्वांटम रडार, क्वांटम ड्रोन, क्वांटम चिप्स सहित नवीनतम उपलब्धियां हासिल की हैं। यह कहा जा सकता है कि चीन क्वांटम प्रौद्योगिकी के व्यावहारिक चरण में प्रवेश कर चुका है।

अक्षय और हरित ऊर्जा दोनों के लिए तकनीकी उपकरण, कच्चे माल और ऊर्जा भंडारण में चीन भी अमेरिका से आगे है। कुल स्थापित फोटोवोल्टिक क्षमता और फोटोवोल्टिक बिजली उत्पादन के मामले में चीन दुनिया में पहले स्थान पर है। चीन के नए ऊर्जा वाहन उत्पादन और बिक्री लगातार सात वर्षों से दुनिया में पहले स्थान पर है। चीन दुनिया का सबसे बड़ा अक्षय ऊर्जा बाजार और उपकरण निर्माता बन गया है। चीन दुनिया के 70% सौर पैनलों की आपूर्ति करता है, दुनिया के 10 सबसे बड़े पवन टरबाइन निर्माताओं में से चार चीनी कंपनियां हैं, और वे वैश्विक बाजार के 40% हिस्से को प्राप्त किया है, जबकि अमेरिका के लिए यह दर 12% है।

(साभार—चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)

 

 

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