सामान्य प्रशासन विभाग की सहमति के बिना विभागीय अधिकारियों-कर्मचारियों को मंत्रालय में संलग्न या पदस्थ नहीं किया जा सकेगा, आदेश जारी

रायपुर(realtimes) छत्तीसगढ़ सरकार के सामान्य प्रशासन विभाग की सहमति के बिना विभागीय अधिकारियों-कर्मचारियों को मंत्रालय में संलग्न या पदस्थ नहीं किया जा सकेगा। यह आदेश राज्य के मुख्य सचिव अमिताभ जैन ने प्रदेश के सभी विभागों के लिए जारी किया है। अधिकारियों कर्मचारियों को मंत्रालय में पदस्थ करने के संबंध में दिशा निर्देश जारी किए गए हैं।


पहले लें सहमति
इस संबंध में जारी निर्देश में कहा गया है कि किसी भी विभाग द्वारा अपने अधीनस्थ कार्यालयों के अधिकारी-कर्मचारी को अपने स्तर मंत्रालय में संलग्न-पदस्थ करने के आदेश जारी नहीं किए जाएंगे। लेकिन इस संबंध में प्रस्तावों का परीक्षण करने के बाद स्वयं स्पष्ट प्रस्ताव सामान्य प्रशासन विभाग को सहमति के लिए भेजे जाएं। सामान्य प्रशासन विभाग के आदेश के बिना किसी भी विभागीय अधिकारी कर्मचारियों को मंत्रालय में तैनात न किया जाए।
सेवाएं सामान्य प्रशासन को सौंपी जाए
निर्देश में ये भी कहा गया है कि बिना सामान्य प्रशासन विभाग को सेवाएं सौंप अथवा बिना सहमति के कार्योत्तर अनुमोदन या पुष्टि की प्रत्याशा में विभागीय अधिकारियों की मंत्रालय में पदस्थापना न की जाए बल्कि सामान्य प्रशासन विभाग को सेवाएं सौंपी जाए। य भी कहा गया है कि इन निर्देशों के बावजूद कई विभाग बिना सामान्य प्रशासन विभाग की सहमति लिए अपने स्तर से विभागीय अधिकारी कर्मचारियों को मंत्रालय में संलग्न-पदस्थ कर रहे है। इसके बाद कार्योत्तर सहमति प्रदान करने के लिए, कक्ष आवंटित करने,मंत्रालय भत्ता,अन्य सुविधाएं प्राप्त करने के लिए इस विभाग को प्रस्ताव भेजते हैं ये नियमानुसार उचित नहीं है।
तो… वेतन आहरण में होगी कठिनाई
मुख्य सचिव ने ये भी कहा है कि मंत्रालय में अधिकारियों की बैठक व्यवस्था के लिए कक्ष, निजी स्टाफ आदि सुविधाएं सीमित होने के कारण ये सुविधाएं उपलब्ध कराने में कठिनाई हो रही है। इसके साथ ही पद स्वीकृत नहीं होने या पद खाली न होने की स्थिति में वेतन आहरण में भी कठिनाई होगी।



