छत्तीसगढ़ में कैफे खुले ताे मिलेट भी खाने लगा भाव

रायपुर. अपने राज्य छत्तीसगढ़ में अब तक जिस कोटो, कुटकी और रागी को गरीबों का भोजन माना जाता था, उसकी खरीदी जब राज्य सरकार ने समर्थन मूल्य पर करना प्रारंभ किया तो इसकी पूछ परख होने लगी। इसके बाद जब मिलेट पर केंद्र सरकार ने भी ध्यान दिया और मिलेट कैफे खुलने लगे तो मिलेट ने अब भाव खाना प्रारंभ कर दिया है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कल ही भिलाई में भी एक मिलेट कैफ का प्रारंभ किया है। अब मिलेट की कीमत में पांच सौ रुपए क्विंटल तक का इजाफा हो गया है। इसी के साथ इसकी खपत भी 25 फीसदी बढ़ी है। इसका उत्पादन भी ज्यादा होने लगा है।कोदो, कुटकी और रागी का आमतौर पर ग्रामीण क्षेत्र में ज्यादा इस्तेमाल होता है। इसी के साथ इसको खाने का काम भी बहुत ज्यादा गरीब तबका करता था। यही वजह है इसकी उत्पादन भी अपने राज्य में कम होती था। इसी के साथ कुछ साल पहले तक इसकी कीमत बहुत कम होती थी। लेकिन प्रदेश की कांग्रेस सरकार ने जबसे मिलेट पर विशेष ध्यान देकर इसकी समर्थन मूल्य पर खरीदी प्रारंभ की है तो बाजार में भी इसकी पूछ परख बढ़ गई है।
मिलेट सेंटर खुले तो बढ़ी कीमत
प्रदेश में अब लगातार मिलेट सेंटर खुल रहे हैं। सबसे पहले रायगढ़ में इसका सेंटर खुला। इसके बाद लगातार कई शहरों में इसके सेंटर खुल रहे हैं। राजधानी रायपुर में भी कई सेंटर खुल गए हैं। सेंटर खुलने के बाद कोटो, कुटकी और रागी की कीमत में भी इजाफा हो गया है। अनाज के थोक कारोबारी गोविंद माहेश्वरी के मुताबिक पहले कोटो की कीमत 45 से 50 रुपए किलो थी, लेकिन अब इसकी कीमत 55 से 60 रुपए हो गई है। यानी प्रति किलो में पांच रुपए और क्विंटल में पांच सौ रुपए का इजाफा हो गया है। इसी तरह से पहले रागी 40 रुपए किलो थी जो अब 45 रुपए हो गई है। कुटकी की कीमत 35 से 40 रुपए किलो हो गई है।
समर्थन मूल्य पर खरीदी तीन हजार से ज्यादा में
मिलेट की खरीदी प्रदेश सरकार समर्थन मूल्य में तीन हजार से ज्यादा में कर रही है। जहां कोदो की कीमत तीन हजार रुपए है, वहीं कुटकी 31 सौ रुपए और रागी सबसे ज्यादा 35 सौ 78 रुपए हैं। इस साल करीब 223 हजार क्विंटल कोदो, दो हजार क्विंटल कुटकी और तीन हजार क्विंटल रागी की खरीदी की गई है। इसके लिए किसानों को 8 करोड़ से ज्यादा का भुगतान किया गया है।
मुख्यमंत्री दे चुके हैं पीएम को जानकारी
प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपने राज्य में चलाए जा रहे मिलेट मिशन की जानकारी दे चुके हैं। प्रधानमंत्री ने मिलेट मिशन को सराहा भी है। उन्होंने मुख्यमंत्री को मिलेट कैफे खोलने की सलाह दी थी। इसके बाद से प्रदेश में लगातार मिलेट कैफे खोले जा रहे हैं। यही नहीं राज्य सरकार ने आंगनबाड़ी केंद्रों में भी मिलेट को अनिवार्य कर दिया है। ऐसा होने से अब इसकी खपत में और इजाफा होने की संभावना है।



