मृत्युपरांत AIIMS रायपुर में देहदान - realtimes
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मृत्युपरांत AIIMS रायपुर में देहदान

रायपुर. रायपुर कोटा निवासी श्रीमती प्रभात वर्मा धर्मपत्नी एन पी वर्मा ( दुर्गा कॉलेज वाले ) का आज निधन हो गया है। वे नितिन सक्सेना और नीरज सक्सेना की माताजी थीं।परिवार ने AIIMS रायपुर में देहदान कर अनुकरणीय कार्य किया। अपनी मृत्यु से पहले परिवार के सदस्यों के समक्ष प्रभात वर्मा ने मृत्युपरांत अपने देह दान की इच्छा जताई थी जिसे आज परिवार के सदस्यों ने नाम आंखों से एम्स रायपुर में उनके देह दान कर उन्हे अंतिम विदाई दी। श्रीमती प्रभात वर्मा लंबे समय तक अध्यापन का कार्य किया लेकिन वर्तमान में वे कुछ समय से बीमार चल रही थी।

देह दान के बाद मृत मानव शरीर का उपयोग

मृत मानव शरीर का उपयोग छात्रों को एनाटॉमी, शरीर की संरचना का अध्यन और ये कैसे काम।करता है,सिखाने के लिए किया जाता है ।यह चिकित्सकों , सर्जन,दांत चिकित्सकों एवम अन्य स्वास्थ्य संबंधी पेशेवरों की शिक्षा में सबसे महत्वपूर्ण पाठ्यक्रमों में से एक है। शवोंका उपयोग अनुसंधान चिकित्सकों द्वारा नई जीवन रक्षक सर्जिकल प्रक्रियाओं के विकास में भी किया जाता है।

देहदान के बारे में जानिए

देहदान का अर्थ है ‘देह का दान’ अर्थात किसी उत्तम कार्य अपना जीवन ही दे देना। राजकुमार सत्त्व ने साथ सावकों को भूख से मरने से बचाने के लिए अपने शरीर का त्याग कर दिया था। दधीचि ने अपना शरीर इसलिए त्याग दिया था ताकि उनकी हड्डियों से धनुष बनाया जा सके जिससे दैत्यों का संहार हो सके।

देहदान में व्यक्ति का पूरा शरीर दान किया जाता है। यानि देहदान सिर्फ मरने के बाद ही किया जाता है। वहीं, अंगदान में आप शरीर के उस हिस्से को डोनेट कर सकते हैं, जिससे आपका यानि दानदाता का जीवन प्रभावित न हो। साथ ही आपके शरीर का वह हिस्सा किसी गंभीर बीमारी से ग्रसित न हो

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