झारखंड हाईकाेर्ट से राहत, फिर भी ब्रह्मानंद काे गिरफ्तार करने से बवाल

रायपुर। भानुप्रतापपुर के भाजपा प्रत्याशी ब्रह्मानंद नेताम को झारखंड हाईकोर्ट से राहत मिलने के बाद भी भानुप्रतापपुर में नेताम काे झारखंड पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया, इसके कारण बवाल मच गया। पुलिस काे नेताम काे बाद में छोड़ना पड़ा।
हाईकोर्ट ने नेताम खिलाफ अगली सुनवाई तक कार्रवाई पर रोक लगा दी है। अदालत ने यह आदेश दिया है कि उनके खिलाफ किसी तरह की पीड़क कार्रवाई न की जाए। झारखंड हाईकोर्ट के न्यायाधीश जस्टिस संजय द्विवेदी की अदालत में इस मामले की सुनवाई हुई। ब्रह्मानंद नेताम की ओर से हाईकोर्ट के अधिवक्ता इंद्रजीत सिन्हा और कुमार हर्ष ने पक्ष रखते हुए अदालत में दलील दी कि इस केस में उनके मुवक्किल की कोई संलिप्तता नहीं है और न ही एफआईआर में उनका नाम है, फिर भी पुलिस उन्हें परेशान कर रही है।
भानुप्रतापपुर उपचुनाव में भाजपा के प्रत्याशी घोषित किये गये ब्रह्मानंद नेताम पर गंभीर आरोप हैं। दरअसल ब्रह्मानंद जमशेदपुर की 15 साल की बच्ची से दुष्कर्म और देह व्यापार में धकेले जाने के केस के अभियुक्तों में से एक हैं। यह मामला साल 2019 का है।
गिरफ्तारी पर बवाल
प्रत्याशी ब्रह्मानंद नेताम को गिरफ्तार में लेने पहुंची झारखंड पुलिस को भारी विरोध का सामना करना पड़ा। करीब घंटे भर तक डेढ़ हजार कार्यकर्ताओं ने पुलिस की गाड़ी रोककर जमकर बवाल मचाया। आखिरकार झारखंड पुलिस को खाली हाथ लौटना पड़ा। पुलिस ब्रह्मानंद नेताम को कांकेर सिटी कोतवाली लेकर जा रही थी। ब्रह्मानंद नेताम किलेपार पोलिंग बूथ गए हुए थे। वहीं से उन्हें हिरासत में लिया था। हालांकि, नेताम ने कहा है कि कोर्ट का आदेश आ गया है उन्हें गिरफ्तार नहीं किया जा सकता। पुलिस ने कोर्ट का आदेश मांगा था।



