राजनांदगांव में बनेगी भाजपा की मिशन 2023 पर रणनीति

रायपुर(realtimes) छत्तीसगढ़ में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा की मिशन 2023 काे लेकर रणनीति बनाने का काम पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के विधानसभा क्षेत्र राजनांदगांव में हाेगा। भाजपा में बड़े बदलाव के बाद पहली कार्यसमिति की बैठक राजधानी रायपुर से बाहर राजनांदगांव में 24 और 25 दिसंबर को रखी गई है। बैठक में राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री शिव प्रकाश और प्रदेश प्रभारी ओम माथुर के आने की संभावना कम है, लेकिन सहप्रभारी नितिन नवीन और क्षेत्रीय संगठन महामंत्री अजय जामवाल का आना तय है। करीब पांच साल पहले भी 2018 के विधानसभा चुनाव के पहले राजनांदगांव में कार्यसमिति हुई थी।
भाजपा के राष्ट्रीय संगठन ने प्रदेश भाजपा संगठन में अगस्त से लेकर सितंबर तक बड़ा बदलाव किया है। इसमें पहले प्रदेशाध्यक्ष और फिर नेता प्रतिपक्ष बदला गया। सितंबर में प्रदेश प्रभारी डी. पुरंदेश्वरी को बदलकर उनके स्थान पर राजस्थान के ओम माथुर को नया प्रदेश प्रभारी बनाया गया। इस बड़े बदलाव के साथ 8 जिलाध्यक्षों को भी बदला गया है। नए पदाधिकारी बनने के बाद अब तक कार्यसमिति की बैठक नहीं हो सकी है। इस माह दिल्ली में राष्ट्रीय पदाधिकारियों की बैठक हुई है। इसमें छत्तीसगढ़ में अगले साल हाेने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर मंथन हुआ है। राष्ट्रीय संगठन से जो निर्देश मिले हैं अब उसकी कार्यसमिति में जानकारी दी जाएगी।
मिशन 2023 की बनेगी रणनीति
कार्यसमिति के पहले दिन 24 दिसंबर को प्रदेश पदाधिकारियों की बैठक होगी। इसमें कार्यसमिति के लिए एजेंडे तय किए जाएंगे। इसके बाद कार्यसमिति में एजेंडों पर जहां मंथन होगा, वहीं राजनीतिक प्रस्ताव भी रखा जाएगा। कार्यसमिति में मुख्य रूप से अगले साल होने वाले चुनाव को लेकर बनाए जाने वाले रोड मैप पर मंथन करके रोड मैप तैयार किया जाएगा। प्रदेश की कांग्रेस सरकार को घेरने के लिए सड़क से लेकर सदन तक की रणनीति बनेगी। अगले माह प्रदेश संगठन प्रधानमंत्री आवास योजना पर बड़ा आंदोलन करने वाला है। इसको लेकर भी रणनीति बनेगी। इसके अलावा अन्य बड़े आंदोलनों को लेकर चर्चा करके रणनीति तय की जाएगी।
ये होंगे शामिल
कार्यसमिति में राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह, प्रदेशाध्यक्ष अरुण साव, संगठन महामंत्री पवन साय, नेता प्रतिपक्ष नारायण सिंह चंदेल, प्रदेश संगठन के सभी पदाधिकारी, कोर कमेटी के सदस्य, सभी सांसद, विधायक, जिलाध्यक्ष, संभाग और जिलों के प्रभारियों के साथ 90 विधानसभाओं के प्रभारी, मोर्चा, प्रकोष्ठ के अध्यक्ष, संयोजक शामिल होंगे।



