भाजपा ने 8 जिलाध्यक्षाें काे छोड़ बाकी को दे दिया अभयदान, पांच काे नए पदाें से भी संवारा

रायपुर(realtimes) प्रदेश भाजपा संगठन ने डेढ़ दर्जन की बजाए 8 जिलाध्यक्षों को ही बाहर का रास्ता दिखाया है। बाकी जिलाध्यक्षों को फिलहाल अभयदान दे दिया गया है, लेकिन इसी के साथ सबको यह भी चेता दिया गया है कि उनको अब लगातार सक्रिय रहना है, जो भी सक्रिय नजर नहीं आएंगे, उनको किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और बाहर का रास्ता दिखाने में देर नहीं होगी। हटाए गए 8 में से पांच जिलाध्यक्षाें काे नए पदाें से संवारते हुए उनकाे विशेष आमंत्रित सदस्य बना दिया है।
प्रदेश संगठन में नए प्रदेशाध्यक्ष और नेता प्रतिपक्ष और नए प्रदेश प्रभारी के बाद जिलाध्यक्षों का बदलना जाना तय था। यूं तो पूर्व प्रदेश प्रभारी डी. पुरंदेश्वरी ने दो नए जिलों को छोड़कर बाकी सभी को बदलने की पक्षधर थीं, लेकिन उनके हटने के बाद पूरा समीकरण ही बदल गया। पहले कहा गया, डेढ़ दर्जन जिलाध्यक्ष बदले जाएंगे, इसके बाद यह संख्या एक दर्जन पर आई, धमतरी की बैठक में हुए मंथन में भी एक दर्जन से ज्यादा को हटाने की बात हुई थी। लेकिन जब बदलाव किया गया तो आठ जिलाध्यक्ष ही बदले गए।
बदलाव के पैमाने पर भी संदेह
जिन जिलाध्यक्षों को बदला गया है, उसके लिए यही कहा गया है कि एक तो वे सक्रिय नहीं थे, साथ ही कई को कार्यकर्ता पसंद नहीं करते थे। लेकिन इस पैमाने पर ही भाजपा के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता संदेह जता रहे हैं। इनका कहना है, सक्रिय जिलाध्यक्षों को भी हटाया गया है, तो आखिर हटाने का पैमाना क्या रहा है। क्या महज कुछ दिग्गज नेताओं के समर्थकों को स्थान देने के लिए ही बदलाव किया गया है।
सक्रिय रहें नहीं तो…
भाजपा के जानकारों का कहना है जिन जिलाध्यक्षाें को अभयदान दिया गया है, उनको इस बात की चेतावनी दी गई है कि उनको यह नहीं समझना है कि वे बच गए हैं। अगर अब भी वे सक्रिय नहीं हुए और कार्यकर्ताओं की नाराजगी को दूर नहीं किया गया तो ऐसे लोगों को कभी भी बाहर का रास्ता दिखा दिया जाएगा।



