ब्लैक आउट होने पर 28 मिनट ही अंधेरे में रहेगा छत्तीसगढ़

रायपुर। प्रदेश में आकस्मिक ब्लैक आउट होने पर प्रदेश में महज 28 मिनट तक ही अंधेरा रहेगा। इतने समय में बिजली व्यवस्था बहाल कर ली जाएगा। डगनिया के मुख्यालय में मॉकड्रिल छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर टांसमिशन कंपनी की प्रबंध निदेशक उज्ज्वला बघेल तथा पाॅॅवर जनरेशन कंपनी के प्रबंध निदेशक संजीव कुमार कटियार की उपस्थिति एवं मार्गदर्शन में की गई।
मॉक ड्रिल के दौरान सर्वप्रथम बांगो जल विद्युत गृह, छुरी खुर्द, जमनीपाली एवं कोरबा पूर्व के उपकेन्द्रों से फीड होने वाले क्षेत्रों को मिलाकर एक आईलैंड सब-सिस्टम बनाया गया। आईलैंड सब-सिस्टम में ब्लैक आउट की स्थिति निर्मित की गई । इस तरह एक बनावटी बिजली संकट छुरी खुर्द, जमनीपाली एवं कोरबा क्षेत्र में निर्मित किया गया। इसके पश्चात इंजीनियरों की टीम ने युद्धस्तर पर बिजली संकट क्षेत्र में बिजली बहाली की प्रक्रिया प्रारंभ की। इसके लिए बांगो में उपलब्ध डीजल जनरेटर सेट से बंद जल विद्युत इकाई क्रमांक-3 को सर्विस में लेकर बांगो उपकेन्द्र के बस को चार्ज किया गया और वहां उत्पादित बिजली को 132 केवी लाइनों के माध्यम से छुरी खुर्द, जमनीपाली एवं कोरबा पूर्व 132 केवी उपकेंद्रों तक क्रमशः पहुंचाया गया और पूर्व निर्धारित 33/11 केवी विद्युत फीडरों को एक के बाद एक चालू कर बांगों की जल विद्युत इकाई से करीब 23 मेगावाट लोड लिया गया। इसके पश्चात आईलैंड सब-सिस्टम की फ्रिक्वेन्सी एवं वोल्टेज को मॉनिटर करते हुए बांगो जल विद्युत गृह की सप्लाई को कोरबा पश्चिम ताप विद्युत गृह तक पहुंचाया गया । इस पूरी प्रक्रिया में 28 मिनट का समय लगा। इसके पूर्व में ब्लैक स्टार्ट मॉकड्रिल 29 जून 2022 को की गई थी।



