चुनाव आयोग ने अजित पवार गुट को माना असली NCP, शरद पवार को बड़ा झटका

चुनाव आयोग ने मंगलवार को महाराष्ट्र में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के नेतृत्व विवाद को लेकर अपना फैसला सुनाया। आयोग ने अजित पवार गुट को असली NCP माना है, जिसके बाद शरद पवार गुट को बड़ा झटका लगा है।
6 महीने से अधिक समय तक चले इस विवाद में 10 से अधिक सुनवाई हुई थी। चुनाव आयोग ने अपने फैसले में कहा कि अजित पवार गुट के पास पार्टी के अधिकांश विधायकों और सांसदों का समर्थन है, साथ ही पार्टी के मुख्यालय और चुनाव चिन्ह “घड़ी” भी उनके पास है।
यह फैसला शरद पवार के लिए एक बड़ा झटका है, जो 1999 से NCP के अध्यक्ष थे। 81 वर्षीय पवार को महाराष्ट्र की राजनीति में एक दिग्गज नेता माना जाता है।
अजित पवार, जो शरद पवार के भतीजे हैं, उन्होंने 2022 में NCP के नेतृत्व के लिए विद्रोह कर दिया था। उन्होंने पार्टी के अधिकांश विधायकों और सांसदों का समर्थन हासिल कर लिया था, जिसके बाद उन्होंने खुद को NCP का अध्यक्ष घोषित कर दिया था।
चुनाव आयोग के फैसले के बाद अजित पवार ने कहा कि यह “न्याय की जीत” है। उन्होंने कहा कि वह पार्टी को मजबूत बनाने और आगामी विधानसभा चुनावों में जीत हासिल करने के लिए काम करेंगे।



