बिजली, पानी, पेट्रोल, डीजल की खपत पर मौसम की मार

रायपुर(realtimes) छत्तीसगढ़ में बारिश के कारण जहां सबसे ज्यादा बिजली की खपत कम हो गई है, वहीं पेट्रोल-डीजल की खपत भी घट गई है। पानी की खपत पर भी असर पड़ा है। एसी और कूलर की बिक्री की रफ्तार भी मंद हो गई है। आने वाले समय में गर्मी के तेवर वापस आने पर फिर से सब में गर्मी आएगी।
प्रदेश में अप्रैल से ही मौसम अलग-अलग रंग दिखा रहा है। एक ही जिन में गर्मी, बारिश और ठंड का मौसम हो जाता है। मौसम बदलने के कारण पूरा जनजीवन प्रभावित हो रहा है। ऐसे में सबसे ज्यादा असर बिजली की खपत पर हो रहा है। अप्रैल में एक नहीं, बल्कि दो से तीन बार खपत का नया रिकॉर्ड बना है। पहले खपत 55 सौ मेगावाट के पार गई। इसके बाद 57 सौ मेगावाट का नया रिकॉर्ड बना और फिर यह रिकॉर्ड भी टूट गया और खपत का नया रिकॉर्ड 5878 मेगावाट का बना। इसी माह मौसम बदलने पर खपत अचानक गिरकर 3035 मेगावाट तक आ गई। मौसम के कारण अब खपत चार हजार मेगावाट के आसपास हो रही है। कभी गर्मी तेवर दिखाती है तो खपत में इजाफा हो जाता है।
पेट्रोल की 15 और डीजल की खपत 30 फीसदी कम
बारिश होने के कारण पेट्रोल और डीजल की खपत भी प्रभावित हो रही है। पेट्रोल डीलर संघ के अभय भंसाली के मुताबिक बारिश होने पर पेट्रोल की खपत 15 और डीजल की खपत 30 फीसदी तक कम हो जाती है। डीजल की खपत ज्यादा इसलिए प्रभावित होती है, क्योंकि कृषि कार्य के लिए डीजल लगता है। बारिश होने से इसकी खपत कम हो जाती है। प्रदेश में 15 सौ से ज्यादा पेट्रोल पंप हैं। बड़े पंपों पर राेज 8 से 10 हजार लीटर और छोटे पंपों पर दो से पांच हजार लीटर की खपत होती है।
एसी-कूलर की बिक्री भी प्रभावित
गर्मी के कारण राजधानी रायपुर के साथ प्रदेशभर में एसी और कूलर की ताबड़तोड़ बिक्री हो रही है, लेकिन जैसे ही बारिश होती है तो इसकी बिक्री भी प्रभावित हो जाती है। एसी और कूलर कारोबारियों के मुताबिक बारिश के कारण 15 से 20 फीसदी बिक्री कम हो जाती है, लेकिन मौसम ठीक होने पर वापस कारोबार पटरी पर आ जाता है। गर्मी के सीजन में पूरे साल के कारोबार का 60 फीसदी कारोबार होता है।
पानी का उपयोग भी कम
राजधानी रायपुर में नगर निगम रोज 240 एमएलडी पानी की सप्लाई करता है। नगर निगम के कार्यपालक अभियंता बद्री चंद्राकर के मुताबिक बारिश होने के बाद भी पानी की टंकियों को तो पूरा भरा जाता है और सप्लाई भी पूरी की जाती है, लेकिन पानी का उपयोग कम हो जाता है। पानी की कमी को लेकर जो शिकायत आती हैं, वो बारिश होने पर आनी बंद हो जाती है।


