पुरी के साथ रायपुर में बनने लगा जगन्नाथ भगवान का रथ

रायपुर. भगवान जगन्नाथ की यात्रा 20 जून को होगा। इसके लिए राजधानी रायपुर से लेकर पुरी तक तैयारी प्रारंभ हो गई है। पुरी में जहां रथ बनाने का काम कारीगर कर रहे हैं, वहीं रायपुर में पुराने रथ को संवारने का काम आज से प्रारंभ हो गया है। पूुरी में रथ यात्रा में लाखों श्रद्धालु आते हैं। रायपुर में भी हजारों की संख्या में लोग रथ यात्रा में शामिल होते हैं।
देश भर में पुरी में होने वाली रथ यात्रा का सबको इंतजार रहता है। यहां की रण यात्रा देश भर से लाखों संख्या में लोग पहुंचते हैं। पुरी में रथ बनाने का सिलसिला काफी पहले प्रारंभ हो जाता है। हर साल यहां पर नया रथ बनाया जाता है। इसके लिए आमतौर पर लड़की वन विभाग से मिलती है, लेकिन इस बार लकड़ी को लेकर वहां पर परेशानी हो रही है। जानकारों का कहना है वन विभाग ने इस बार लकड़ी नहीं दी है। ऐसे में आम जनों के सहयोग से लकड़ी की व्यवस्था की गई है।
तीन रथ बन रहे पूरी में
पुरी में भगवान जगन्नाथ का पहला रथ बनाया जा रहा है। 16 पहियों वाला यह रथ 45.6 फीट ऊंचा होगा। इसमें 742 लकड़ी के टुकड़े लगेंगे। इसके बाद भगवान बलभ्रद का 14 पहियों वाला रथ बनेगा। इसमें 731 लकड़ी के टुकड़े लगेंगे। इसकी ऊंचाई 45 फीट रहेगी। इसके बाद तीसरा रथ बहन सुभद्रा का रहेगा, इसमें 12 पहिए रहेंगे। इसमें 711 लकड़ी के टूकड़े लगेंगे। इसकी ऊंचाई 44 फीट होगी।
रायपुर में भी तीन रथ
पुरी की तरह की रायपुर में तीन रथ बनते हैं। रायपुर के रथ बनने में अंतर यह है कि यहां पर पुराने रथ को ही संवारने का काम किया जाता है। पुरंदर मिश्रा ने बताया, रायपुर में रथों को संवारने का काम प्रारंभ हे गया है। एक रथ करीब सवा लाख का रहता है। इसमें हर साल रंग रोगन करने के साथ जिन सामनों को बदलने की जरूरत होती है, उनको बदला जाता है।



